सिवनी : वन विभाग ने पकड़ा दुर्लभ प्रजाति जीव पैंगोलिन, दुनियाभर में होती है तस्करी

पैंगोलिन एक चींटीखोर जानवर है, जो स्तनधारी और रेप्टाइल यानी सांप-छिपकली जैसे जानवरों के बीच की कड़ी है. पैंगोलिन एशिया और अफ्रीका के कई देशों में पाए जाते हैं.

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भारत में भी पैंगोलीन की तस्करी जोरों पर है ,अभी कुछ दिन पूर्व ही वन विभाग द्वारा छपारा में पैंगोलिन की तस्करी करते 5 लोगों को पकड़ा गया था. जनकारों की माने तो इन दुर्लभ प्रजाति के पेंगुलिन की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करोड़ों में कीमत हे
सिवनी:

सिवनी : वन विभाग के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है. वन विभाग ने दुर्लभ प्रजाति के पैंगोलिन को रेस्क्यू किया है. बीती रात को गणेश दुबे ने बस स्टैंड के आसपास एक दुर्लभ प्रजाति के जीव को देखा था, जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी.

वन विभाग की टीम बताई जगह पहुंची

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम अमित सोनी के नेतृत्व में बताई गई जगह पर पहुंची. वहां वन विभाग को यह दुर्लभ प्रजाति का जीव मिला. पैंगोलिन एक चींटीखोर जानवर है, जो स्तनधारी और रेप्टाइल यानी सांप-छिपकली जैसे जानवरों के बीच की कड़ी है. पैंगोलिन एशिया और अफ्रीका के कई देशों में पाए जाते हैं. इसके ऊपर ब्लेडनुमा प्लेट्स की परत होती है. 

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वन विभाग की टीम व्यक्ति द्वारा बताई जगह पहुंची और इस दुर्लभ जीव को पकड़ लिया

शेर चीते के दांत का असर भी नहीं होता

इसकी चमड़ी पर लगी ये प्लेट्स बेहद मजबूत होती हैं. ये इतनी मजबूत होती हैं कि अगर शेर चीता भी इस पर अपने दांत मारे तो भी इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आज सारी दुनिया में पैंगोलिन की तस्करी की जा रही है. खास तौर से चीन, जापान और वियतनाम में दवाएं बनाने और मांस के लिए इनकी बहुत मांग है.

बहुत दुर्लभ है पैंगोलिन

यही वजह है कि भारत में भी पैंगोलीन की तस्करी जोरों पर है. अभी कुछ दिन पहले ही वन विभाग की ओर से छपरा में पैंगोलिन की तस्करी करते 5 लोगों को पकड़ा गया था. जानकारों की मानें तो इन दुर्लभ प्रजाति के पेंगुलिन की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करोड़ों में कीमत है.
 

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