मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव (79) को कुछ अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से जबरन कार में बैठाकर ले जाने का मामला सामने आने से शहर में हड़कंप मच गया है.
प्रकरण को गंभीर बताते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने जबलपुर जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
आईएमए के अनुसार, रिटायर्ड डॉ. हेमलता श्रीवास्तव शहर के पॉश इलाके राइट टाउन में अकेली रहती हैं. उनके पास करीब 20 हजार स्क्वायर फीट से अधिक भूमि और एक बंगला है, जिस पर कुछ लोगों की नीयत होने की आशंका जताई जा रही है. संगठन का कहना है कि डॉ. हेमलता की मानसिक और शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है.
वीडियो आया सामने, कार का नंबर आंशिक रूप से मिटा
सोमवार शाम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग एक सफेद रंग की कार (क्रमांक एमपी-20 जेडएक्स 9..43) से डॉ. हेमलता को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कार का नंबर आंशिक रूप से मिटा हुआ नजर आ रहा है. इस दौरान पड़ोस में रहने वाले चिकित्सक डॉ. अभिजीत मुखर्जी ने जब इसका विरोध किया और पूछा कि डॉ. हेमलता को कहां ले जाया जा रहा है, तो कार सवार लोगों ने जवाब दिया कि “मंदिर में कुछ लोग रास्ता देख रहे हैं.” विरोध के बावजूद उन्हें यह कहकर ले जाया गया कि “बात करनी है, गायत्री मंदिर आकर भी की जा सकती है.”
पति और बेटे की मौत के बाद अकेली थीं डॉक्टर
डॉ. हेमलता श्रीवास्तव ने लंबे समय तक जिला अस्पताल में सेवाएं दी हैं और वे मरीजों के बीच अपने सरल व मिलनसार स्वभाव के लिए जानी जाती रही हैं. एक माह पूर्व उनके पति महेश श्रीवास्तव का निधन हो गया था, जबकि चार वर्ष पहले उनके इकलौते बेटे डॉ. रचित श्रीवास्तव की भी मृत्यु हो चुकी है. इसके बाद से वे घर पर अकेली रह रही थीं.
Senior Woman Dr Hemlata Srivastava Allegedly Abducted in Jabalpur MP
आईएमए का आरोप-संपत्ति हड़पने की साजिश
आईएमए की अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मंदिर से जुड़े कुछ लोगों ने लगभग 60 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने की नीयत से डॉ. हेमलता को जबरन कार में बैठाकर ले जाया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 22 जनवरी 2026 को उनकी शारीरिक व मानसिक अक्षमता की स्थिति में धोखाधड़ी कर एक पंजीकृत वसीयत के जरिए उनकी संपत्ति गायत्री मंदिर के नाम कराई गई.
आईएमए का कहना है कि डॉ. हेमलता की हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल आईसीसीयू में भर्ती कर इलाज की आवश्यकता है, लेकिन जानबूझकर उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय मंदिर ले जाया गया, जिससे उनके इलाज में बाधा पहुंचे.
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक बुजुर्ग महिला डॉक्टर को सफेद कार में ले जाने की शिकायत प्राप्त हुई है. आईएमए की ओर से भी लिखित शिकायत दी गई है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डॉ. हेमलता इस समय कहां हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति कैसी है. पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.