Kubereshwar Dham Sehore Madhya pradesh: मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी 2026 तक रूद्राक्ष महोत्सव एवं शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है. आयोजन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. श्रद्धालुओं का आगमन शुरू भी हो गया है. भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है, ताकि किसी को असुविधा न हो और ट्रैफिक बाधित न हो.
12 से 21 फरवरी सुबह 6 बजे तक रहेगा डायवर्जन
यातायात प्लान के तहत इंदौर-भोपाल हाईवे पर मार्ग परिवर्तन किया गया है. यह डायवर्जन 12 फरवरी से 21 फरवरी सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा.
भारी वाहनों के लिए रूट
- भोपाल से आने वाले भारी वाहन: थाना परवलिया के मुबारकपुर जोड़ एवं थाना खजूरी के तुमड़ा जोड़ से होते हुए श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-शाजापुर-मक्सी मार्ग से देवास और इंदौर जा सकेंगे.
- देवास-इंदौर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन: देवास से मक्सी-शाजापुर-ब्यावरा-कुरावर-श्यामपुर मार्ग से होकर भोपाल पहुंचेंगे.
छोटे और सवारी वाहनों के लिए रूट
- भोपाल से आष्टा-देवास-उज्जैन-इंदौर जाने वाले छोटे वाहन: सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़-अमलाहा होते हुए आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जा सकेंगे.
- इंदौर-उज्जैन-देवास से भोपाल जाने वाले छोटे वाहन: आष्टा-अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़-न्यू क्रिसेंट चौराहा मार्ग से भोपाल पहुंचेंगे.
कुबेरेश्वर धाम आने वाले वाहनों को नहीं रहेगा डायवर्जन
भोपाल, इंदौर, देवास और उज्जैन से सीधे कुबेरेश्वर धाम कथा स्थल पर आने वाले वाहनों को किसी डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ेगा. वे नियमित हाईवे मार्ग से सीधे धाम तक पहुंच सकेंगे. धाम परिसर में बनाई गई विभिन्न पार्किंग में वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क किए जाएंगे.
आईजी और डीआईजी ने की समन्वय बैठक
रूद्राक्ष महोत्सव के सुरक्षित और सफल आयोजन को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम सीहोर में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में आईजी देहात जोन भोपाल संजय तिवारी, डीआईजी देहात रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और एसपी सीहोर दीपक कुमार शुक्ला सहित सीहोर, भोपाल देहात, भोपाल शहर, रेलवे और देवास जिले के अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
- सभी डायवर्जन पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग, टेंट, टेबल-कुर्सी, पीए सिस्टम, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
- डायवर्जन मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए.
- आपात स्थिति के लिए बड़ी क्रेन, गैस कटर/वेल्डिंग कटर और मैकेनिक उपलब्ध रहें.
- सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.
- सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाए.
- रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.
- ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय पर विशेष निगरानी रखी जाए.
- श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएं, जहां पानी, प्रकाश और शौचालय की व्यवस्था हो.
- रेलवे बल और आरपीएफ आपसी समन्वय से पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करें.