पेयजल सप्लाई लाइन फूटी, 50 फीट ऊंचा फव्वारा देख हैरान हुए लोग; हजारों लीटर पानी बर्बाद

सतना शहर के सिटी कोतवाली चौराहे पर पेयजल सप्लाई लाइन फटने से 50 फीट तक तेज पानी का फव्वारा उठ गया. सड़क जलमग्न हो गई, दुकानों में पानी घुसा और ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया.

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Satna Water Pipeline Burst: सतना शहर के व्यस्त सिटी कोतवाली चौराहे के पास पेयजल सप्लाई पाइपलाइन अचानक फट गई. कुछ ही मिनटों में करीब 50 फीट ऊंचा पानी का तेज फव्वारा उठने लगा. देखते ही देखते सड़क जलमग्न हो गई, दुकानों में पानी घुस गया और राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन हजारों लीटर पानी बेकार बह गया.

फव्वारे से मची अफरा‑तफरी

घटना होते ही चौराहे पर अफरा‑तफरी का माहौल बन गया. अचानक उठे पानी के प्रेशर से दुकानदारों ने शटर गिरा दिए और सामान बचाने में जुट गए. ट्रैफिक थम गया, वाहन लंबी कतारों में फंस गए और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा. मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए कई ने मोबाइल से वीडियो और सेल्फी भी लीं.

ट्रैफिक पर पड़ा असर

पाइपलाइन फटने से चौराहे पर जाम जैसी स्थिति बन गई. पानी की तेज धार सड़क के बीचों‑बीच फैलती रही, जिससे दो‑पहिया और छोटे वाहन फिसलने के डर से रुक गए. ट्रैफिक पुलिस ने राहगीरों को अन्य रूट से डायवर्ट किया, तब जाकर धीरे‑धीरे स्थिति नियंत्रित हो पाई.

पानी की सप्लाई बाधित

सड़क पर लगातार बह रहे पानी के कारण इलाके की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई. आसपास के कई मोहल्लों में टोंटियों से पानी आना बंद हो गया. नगर निगम ने लोगों से अपील की कि अनावश्यक पानी इस्तेमाल न करें और सप्लाई बहाल होने तक स्टोर्ड पानी का ही उपयोग करें.

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नगर निगम की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची. पहले वॉल्व बंद कर सप्लाई रोकी गई, फिर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया. तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त पाइप सेक्शन को खोदकर बदलने की प्रक्रिया शुरू की. अधिकारियों के मुताबिक, अस्थायी मरम्मत शीघ्र पूरी कर शाम तक सप्लाई आंशिक रूप से बहाल करने का लक्ष्य है, जबकि स्थायी रिपेयर रात में किया जाएगा.

स्थायी समाधान और निगरानी

स्थानीय लोगों ने मांग की कि पुराने पाइप‑नेटवर्क का ऑडिट कर समय पर बदलाव किया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं न हों. साथ ही, व्यस्त इलाकों में प्रेशर‑मैनेजमेंट, ऑटोमेटिक कट‑ऑफ वॉल्व और नियमित प्रेशर टेस्टिंग जैसे उपाय लागू किए जाएं. दुकानदारों ने हुआ नुकसान दर्ज करने और ड्रेन सफाई कराने की भी मांग रखी है.

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