Ayushman Hospital: सतना जिले के आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी लैब को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन और संबद्ध चिकित्सक अधिकृत पैथोलॉजिस्ट के बजाय उसके रबड़ स्टैंप हस्ताक्षर लगाकर मरीजों को उनकी रिपोर्ट सौंप रही है.
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शिकायतकर्ता ने सबूत के रूप बाकायदा एक वीडियो रिकार्ड किया है
रिपोर्ट के मुताबिक एक शिकायतकर्ता ने सीएमएचओ को भेजी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अस्पताल में बिना अधिकृत अधिकारी के पैथोलॉजी रिपोर्ट मरीजों को दी जाती है. शिकायतकर्ता ने सबूत के रूप बाकायदा एक वीडियो रिकार्ड किया है. माना जा रहा है कि अगर मामले में जांच होती है, तो अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती है.
शिकायतकर्ता द्वारा सीएमएचओ को भेजी गई शिकायत की कॉपी
जांच रिपोर्ट में विसंगति ने अस्पताल प्रबंधन के कृत्य पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता राघव तिवारी के मुताबिक अस्पताल की पैथालॉजी विभाग द्वारा गत 7 जनवरी को हीमोग्राम जांच के अंतर्गत जारी रिपोर्ट में उनके एचजीबी (हिमोग्लोबिन) का मान 16.8 दर्शाया गया है, जबकि अंतिम रिपोर्ट में 10.8 लिखा गया है. दोनों जांच रिपोर्ट में विसंगति संकेत है कि जांच प्रक्रिया दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हो रही है.
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कम्प्यूटर ऑपरेटर ही बना रहा है मरीजों का पैथोलॉजी रिपोर्ट
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैथोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी चौरसिया कई बार लैब में उपस्थित ही नहीं रहतीं, इसके बावजूद उनके नाम व हस्ताक्षर की सील से रिपोर्ट जारी की जाती है. शिकायतकर्ता ने एक वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराने का दावा कियाहै. इससे पूर्व भी रबड़ स्टैंप से लैब रिपोर्ट तैयार करने के आरोप सामने आ चुके हैं.
3 दिन के लिए बंद किया गया था अस्पताल का पैथोलॉजी विभाग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर में संचालित पैथोलॉजी लैब एवं संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए अन्यथा वह आपराधिक परिवाद दायर करेगा. इस मामले में जब अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं सका है.
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