Satna News: सुरांगी के बाद नयागांव में मिली कुपोषित बच्ची, हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर

बच्ची का जन्म उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के सोनीपुर स्थित जिला अस्पताल में हुआ था. जन्म के बाद से ही उसका स्वास्थ्य सामान्य नहीं रहा, लेकिन समुचित इलाज और पोषण न मिल पाने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई.

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After Surangi, Another Severe Case of Malnutrition in Satna Nayagaon

After Surangi, Another Severe Case of Malnutrition in Satna Nayagaon: सतना जिले में कुपोषण की शिकार 5 महीने की एक और बच्ची मिली है. नयागांव इलाके में रहने वाली इस बच्ची को चिह्नित कर जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. कुपोषण के चलते बच्ची की शारीरिक बनावट पूरी तरह बिगड़ चुकी है. उसके हाथ-पैर बेहद पतले हैं, जबकि पेट काफी बड़ा दिखाई दे रहा है. शरीर की हड्डियां भी साफ तौर पर गिनी जा सकती हैं. इससे पहले सुरांगी में कुपोषित बच्ची मिली थी. 

दरअसल, शुक्रवार 24 अप्रैल को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त चित्रकूट पहुंची. टीम को नयागांव क्षेत्र में 5 माह की बच्ची मोहनी प्रजापति मिली, जिसकी हालत चिंताजनक थी. मोहनी के पिता मुकेश कुमार और माता सावित्री देवी को बीएमओ ने समझाइश दी. बच्ची का वजन महज 2 किलो 327 ग्राम पाया गया, जो उसकी उम्र के हिसाब से बेहद कम है और 'अति गंभीर कुपोषण' की श्रेणी में आता है. संयुक्त टीम ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. 

After Surangi, Another Severe Case of Malnutrition in Satna Nayagaon

चित्रकूट के अस्पताल में हुआ था जन्म 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची का जन्म से ही एक कान विकसित नहीं है, जो जन्मजात विकृति (कंजेनिटल डिफेक्ट) का संकेत है. परिजनों के अनुसार, बच्ची का जन्म उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के सोनीपुर स्थित जिला अस्पताल में हुआ था. जन्म के बाद से ही उसका स्वास्थ्य सामान्य नहीं रहा, लेकिन समुचित इलाज और पोषण न मिल पाने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई. स्थानीय आंगनवाड़ी सहायिका सुषमा को भी इस मामले की जानकारी थी, लेकिन समय पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं हो सका. फिलहाल, बच्ची को जिला अस्पताल के पीकू (PICU) वार्ड से रीवा रेफर कर दिया गया है.   

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मामले की जांच शुरू 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्ची को आवश्यक पोषण और चिकित्सकीय देखरेख उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि इतनी गंभीर स्थिति होने के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई क्यों नहीं हुई.