Satna Hospital Controversy: मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक निजी अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन के बाद उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब मरीज महिला के पेट पर भी चीरा मिलने का दावा सामने आया. इस बात से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए. मामला सतना के प्रियंवदा बिरला हॉस्पिटल का है, जहां परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला को जीवित रहते मृत घोषित कर दिया गया और ऑपरेशन के दौरान उसके अन्य अंगों से छेड़छाड़ की गई. विवाद बढ़ने पर कांग्रेस नेता के नेतृत्व में अस्पताल परिसर में धरना भी दिया गया.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सभापुर थाना क्षेत्र के ग्राम माजन निवासी 60 वर्षीय जमुनिया साकेत, पत्नी रामबल से जुड़ा है. परिजनों के अनुसार, 29 मार्च की सुबह करीब 4 बजे महिला को उसके बेटे जीतलाल और बहू इलाज के लिए प्रियंवदा बिरला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे. डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को ब्रेन ट्यूमर होने की जानकारी दी और इलाज की सलाह दी.
Satna Hospital Controversy: हॉस्पिटल में हंगामा क्यों मचा?
1 अप्रैल को हुआ ऑपरेशन, नहीं लौटा होश
परिजनों का कहना है कि 1 अप्रैल को महिला का ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के बाद महिला को होश नहीं आया. इसके बावजूद शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल प्रबंधन ने महिला को छुट्टी दे दी और परिजनों को घर ले जाने के लिए कहा गया.
घर पहुंचने पर पेट पर चीरा देखकर चौंके परिजन
परिजन महिला को घर लेकर पहुंचे और जब शरीर पर बंधी पट्टियां हटाईं, तो उन्होंने पेट पर भी चीरा लगा हुआ पाया. यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए. इसके बाद उन्हें संदेह हुआ कि ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन के दौरान महिला के शरीर के किसी अन्य अंग में भी हस्तक्षेप किया गया है.
‘जीवित को मृत घोषित किया' का आरोप
इसी शक के आधार पर परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में दोबारा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और अनैतिक कार्य करने के आरोप लगाए. परिजनों का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को मृत घोषित कर दिया था, जबकि वे उसे जीवित मान रहे थे. इसी बात को लेकर अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बीच तीखी बहस और हाथापाई की स्थिति बन गई.
पुलिस पहुंची, हालात पर पाया काबू
हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला का ऑपरेशन पूरी तरह चिकित्सकीय प्रक्रिया और तय प्रोटोकॉल के तहत किया गया है. पेट पर चीरा होने को लेकर भी अस्पताल का दावा है कि यह मेडिकल जरूरत के अनुसार किया गया होगा. प्रबंधन का कहना है कि सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी.
कांग्रेस नेता के नेतृत्व में धरना
इस मामले से नाराज परिजनों ने कांग्रेस नेता के नेतृत्व में अस्पताल परिसर में धरना दिया. उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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