Salman Khan Birthday: भारतीय हिंदी के सुपर स्टार सलमान खान (Salman Khan) का 27 दिसम्बर को जन्मदिन है. उनके फैंस देश और दुनिया में उनका बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. सलमान इंदौर में पैदा हुए और मुम्बई में रहते हैं ये बात तो सबको पता है, लेकिन कुछ लोगों को यह बात चौंका सकती है कि उनके दिल में ग्वालियर (Gwalior) भी बसता है. खुद सलमान खाल इसका जिक्र कर चुके हैं. सलमान की शिक्षा तीन साल तक ग्वालियर के सिंधिया स्कूल (The Scindia School) में ही हुई. इस दौरान उनके भाई अरबाज खान भी यहीं पढ़ते थे. दोनों किले पर ही स्थित हॉस्टल में रहते थे. यह सच भी है कि यहां पढ़ाई के दौरान की गई अपनी शरारतें उन्हें आज भी गुदगुदाती है और उन्हें याद आता है कि कैसे वे स्कूल टीचर का ब्लेजर पहनकर धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन और अमजद खान की फ़िल्म शोले देखने नई सड़क स्थित एक टाकीज में गए थे.
ग्वालियर से है खास कनेक्शन
24 दिसम्बर 1965 में जन्मे सलमान का जन्म इंदौर में हुआ, लेकिन उनके पिता सलीम खान ने अपने दोनों बेटों सलमान और अरबाज को अच्छी तालीम दिलाने के लिए ग्वालियर के प्रसिद्ध सिन्धिया स्कूल में भेज दिया. यह बोर्डिंग स्कूल था. यहां दोनों भाई तीन साल तक रहकर पढ़े, महज तीन साल में ही इस स्कूल और शहर से जुड़ी ढेरों यादें आज भी उनके दिल और दिमाग पर छाई रहतीं हैं.
ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल देश के प्रसिद्ध बोर्डिंग स्कूलों में से एक है. यह ग्वालियर के ऐतिहासिक किले पर स्थित है. यहां से देश की अनेक जानी मानी हस्तियां पढ़कर निकली हैं. किसी भी स्टूडेंट को बिना इजाजत कैंपस के बाहर जाने की अनुमति नहीं है. अगर कोई बच्चा बाहर जाने की कोशिश भी करता है तो उसे गार्ड पकड़कर अंदर भेज देते हैं और फिर उस बच्चे पर कार्रवाई की जाती है.
गार्ड ने बिना पूछताछ के उन्हें बाहर निकल जाने दिया. इस तरह सलमान और अरबाज स्कूल कैंपस से बाहर जाने में सफल हो गए. दोनों ने बाहर जाकर शोले देखी जो ग्वालियर की नई सड़क पर गठित यादव टाकीज में लगी थी. दोनों ने वहीं बाहर खाना भी खाया और फिर वापस स्कूल आ गए. वापस आकर सलमान ने धीरे से अपने टीचर के केबिन में उस ब्लेजर को रख दिया. सलमान ने स्कूल टाइम में इस बात को गुप्त ही रखा. लेकिन एक दिन उन्होंने इस राज को सभी के सामने रखा तो लोग हैरान हो गए.
1897 में हुई थी स्कूल की शुरूआत
ग्वालियर के सिंधिया स्कूल का संचालन ग्वालियर का सिन्धिया परिवार करता है. वर्तमान में इसकी देख-रेख केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया करती हैं, लेकिन इनकी स्थापना उनके पूर्वज तत्कालीन सिन्धिया महाराज माधवराव प्रथम ने 1897 में की थी. शुरुआती दौर में इसमें देश भर के महाराजा, राजा और बड़े जमींदारों के बच्चों को ही पढ़ाया जाता था, तब इसका नाम सरदार स्कूल हुआ करता था. स्वयं दिवंगत माधव राव सिंधिया ने भी यही रहकर शिक्षा हासिल की थी. हालांकि यहां उनका शाही महल जयविलास पैलेस है, लेकिन यह स्कूल बोर्डिंग है, लिहाजा उन्हें भी महल में रहने की इजाजत नहीं दी गई और वे भी वहीं के हॉस्टल में रहकर एक सामान्य स्टूडेंट के रूप में पढ़े.
ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में सलमान खान और अरबाज खान के अलावा देश के कई बड़े नेता, सेना के जनरल, उद्योगपति और फिल्म अभिनेता पढ़े हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त रहे ओपी रावत, फ़िल्म निर्माता निदेशक सूरज बड़जात्या, नितिन मुकेश, अनुराग कश्यप, अली असगर, सुनील भारती मित्तल और मुकेश अंबानी भी यहां से पढ़ाई कर चुके है.
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