सागर की नन्हीं परी फातिमा ने पेश की मिसाल, गुल्लक तोड़कर पंजाब बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किए 1040 रुपये

Punjab Flood Relief: फातिमा कहती है कि “जन्मदिन फिर आएगा… लेकिन अभी पंजाब में लोग बहुत तकलीफ़ में हैं. मेरे छोटे-से पैसे अगर उनकी मदद कर सकें, तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है.”

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Punjab Flood Relief News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर (Sagar) जिले से एक बहुत भावुक करने वाली खबर सामने आई है. उम्र सिर्फ छह साल… लेकिन दिल समंदर जितना बड़ा. जी हां, सागर की नन्हीं मासूम फातिमा ने अपने छठवें जन्मदिन पर वह कर दिखाया, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े लोग भी नहीं कर पाते हैं. इस बच्ची ने अपने जन्मदिन की खुशियां त्यागकर अपनी गुल्लक में जमा 1040 रुपये पंजाब बाढ़ पीड़ितों को समर्पित कर दिए.

फातिमा के खालू जान शाहरुख का कहना है कि फातिमा हर साल अपने जन्मदिन पर छोटी-छोटी बचत करके गुल्लक में पैसे डालती थी. इस बार भी उसने यही किया, लेकिन जब टीवी और अखबारों में पंजाब की बाढ़ की भयावह तस्वीरें देखीं, तो उसके मासूम दिल में इंसानियत की चिंगारी भड़क उठी. इस बार उसने न तो केक काटा, न ही जन्मदिन की पार्टी मनाई. इसके बजाय गुल्लक फोड़ कर उसमें से निकले 1040 रुपये पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के नाम कर दी.

फातिमा कहती है कि “जन्मदिन फिर आएगा… लेकिन अभी पंजाब में लोग बहुत तकलीफ़ में हैं. मेरे छोटे-से पैसे अगर उनकी मदद कर सकें, तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है.” शहर मुफ्ती तारिक अनवर का कहना है कि इस नन्हीं बिटिया का यह कदम न सिर्फ सागर, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है. जिस उम्र में बच्चे खिलौनों और चॉकलेट का सपना देखते हैं, उस उम्र में फातिमा ने इंसानियत का असली अर्थ समझा दिया है.

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फातिमा का यह छोटा-सा योगदान बड़ा संदेश देता है कि सेवा और संवेदना उम्र की मोहताज नहीं होती है. समाज को बदलने के लिए बड़े पद, बड़ी दौलत या बड़ी उम्र की ज़रूरत नहीं होती है, बल्कि बड़ा दिल चाहिए और यह बड़ा दिल एक पांच साल की बच्ची ने पूरे देश को दिखा दिया है. 

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