Sagar RTO: मध्य प्रदेश के सागर में आरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों की सक्रियता कोई नई बात नहीं है, बल्कि ये सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है. हैरानी की बात ये है कि ना तो आरटीओ विभाग इस पर ठोस कार्रवाई करता दिख रहा है और ना ही जिला प्रशासन. एनडीटीवी की टीम ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले खुलासे सामने आए.
फिटनेस के नाम पर 5000 रुपये की मांग
आरटीओ ऑफिस के ठीक सामने ही दलाल खुलेआम सक्रिय हैं, जो यहां आने वाले लोगों से सीधे संपर्क कर लेते हैं और फिटनेस व ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कामों के नाम पर मनमानी वसूली करते हैं. हमारी टीम जब ग्राहक बनकर इन दलालों तक पहुंची, तो उन्होंने पहले गाड़ी और कागजात लाने की बात कही… लेकिन बातचीत के दौरान ही साफ हो गया कि फिटनेस के नाम पर 5 से 7 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है.
फिटनेस की प्रक्रिया ऑनलाइन
जबकि हकीकत यह है कि अब वाहन फिटनेस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है… जहां महज 1000 से 1200 रुपये में उपभोक्ता खुद बुकिंग करके यह काम आसानी से करा सकते हैं.
RTO अधिकारी ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर जब आरटीओ अधिकारी मनोज टिंगूरिया से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि ऐसे दलालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सवाल ये है कि जब यह खेल सालों से जारी है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सबसे बड़ी बात यह है कि आम लोगों के बीच यह धारणा बन चुकी है कि आरटीओ का कोई भी काम दलालों के बिना पूरा नहीं हो सकता, जो सिस्टम पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.
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