Sagar News: मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है. यहां एक किसान ने दावा किया है कि उसकी 34 एकड़ में खड़ी गेहूं और चना की पूरी फसल एक ही रात में चोरी हो गई. न खेत में फसल बची, न कटाई के कोई निशान; जहां कभी लहलहाती फसल थी, वहां अब खाली ज़मीन दिखाई दे रही है. पीड़ित किसान ने पुलिस से लेकर कलेक्टर जनसुनवाई तक गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उसे न्याय का इंतजार है.
राहतगढ़ तहसील के कीटुआ गांव का मामला
यह चौंकाने वाला मामला सागर जिले की राहतगढ़ तहसील के ग्राम कीटुआ का है. गांव के किसान पुष्पेंद्र लोधी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा. आवेदन में उन्होंने बताया कि उनकी 34 एकड़ भूमि पर गेहूं और चना की फसल खड़ी थी, जिसे किसी ने रातों-रात काटकर गायब कर दिया. किसान का साफ आरोप है कि इस घटना के पीछे उनके ही पड़ोसी खेत मालिक का हाथ है.
मेहनत की कमाई गायब
पीड़ित किसान पुष्पेंद्र लोधी ने बताया कि उन्होंने महीनों की मेहनत से फसल तैयार की थी. समय पर सिंचाई, खाद, बीज और मजदूरी में बड़ी रकम खर्च की गई थी. उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. लेकिन अचानक हुई इस वारदात ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
Sagar News: 34 एकड़ फसल चोरी
सुबह खेत पहुंचे तो उड़ गए होश
किसान के मुताबिक, घटना वाली रात सब कुछ सामान्य था. अगली सुबह जब वह खेत पहुंचे तो सामने का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. खेत पूरी तरह खाली था. न खड़ी फसल थी और न ही कटाई के ढेर. ऐसा लग रहा था जैसे वहां कभी कुछ बोया ही न गया हो. इस अजीब हालात ने किसान को गहरे सदमे में डाल दिया.
हार्वेस्टर से कटाई का संदेह
पुष्पेंद्र लोधी का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में फसल की कटाई हाथों से संभव नहीं है. उन्हें संदेह है कि पड़ोसी खेत मालिक ने रात के अंधेरे में हार्वेस्टर जैसी भारी मशीनों का उपयोग कर उनकी पूरी फसल कटवा ली. किसान का आरोप है कि यह घटना पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से की गई है.
थाने से नहीं मिली राहत
घटना के बाद किसान ने तुरंत स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, उसका आरोप है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले को हल्के में लिया और अब तक कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. पुलिस की कथित उदासीनता से आहत होकर किसान ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया.
कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा मामला
न्याय की आस में किसान कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचा और अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती रखी. उसने कहा कि अगर जल्द उसे न्याय नहीं मिला तो उसका परिवार गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएगा. किसान ने प्रशासन से मांग की कि उसकी फसल वापस दिलाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा
जनसुनवाई में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने किसान को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से पड़ताल की जाएगी. यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही प्रशासन ने किसान को हर संभव सहायता देने की बात कही है.
किसानों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक चोरी का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की सुरक्षा और उनकी मेहनत की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है. दिन-रात खेतों में खून-पसीना बहाकर फसल उगाने वाले किसान अगर इस तरह असुरक्षित महसूस करेंगे, तो उनका मनोबल टूटना स्वाभाविक है.
पूरे इलाके में चर्चा का विषय
34 एकड़ फसल की कथित चोरी का यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. लोग हैरान हैं कि इतनी बड़ी घटना कैसे बिना किसी को भनक लगे अंजाम दी गई. अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस अनोखी चोरी के मामले में सच्चाई कब और कैसे सामने आती है. फिलहाल किसान को न्याय का इंतजार है और प्रशासन के लिए यह मामला एक बड़ी परीक्षा बनकर सामने आया है.
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