Madhya Pradesh Crime News: रीवा जोन में एक बड़ा अनुशासनात्मक कदम सामने आया है. आईजी गौरव राजपूत ने मनगवा थाना क्षेत्र के टीआई गजेंद्र सिंह धाकड़ और दो आरक्षकों विजय यादव व बृजकिशोर अहिरवार को अमानत में खयानत के गंभीर आरोपों पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. आरोप है कि एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की जांच के दौरान तीनों ने एक महिला को धमकाकर पैसे मांगे और पैसे न मिलने पर उसके जेवरात थाने ले जाकर बिना वैधानिक जप्ती के अपने पास रख लिए. शिकायत की जांच में तथ्य सही पाए गए, जिसके बाद जेवरात महिला को वापस करा दिए गए और आगे की कार्रवाई जारी है.
कड़ी कार्रवाई: आईजी का सख्त संदेश
रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत अपनी सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं. उन्होंने पहले भी साफ कहा था कि अवैध गतिविधियों, जैसे कोरेक्स के कारोबार पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे. ताजा मामले में उन्होंने त्वरित निर्णय लेते हुए टीआई और दोनों आरक्षकों को निलंबित कर पुलिस की जवाबदेही का स्पष्ट संदेश दिया है.
एनडीपीएस जांच से शुरू हुआ मामला
मनगवा थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में टीआई गजेंद्र सिंह धाकड़ और दो पुलिसकर्मी एक महिला के घर पहुंचे. आरोप है कि वहां उन्होंने महिला से पैसे की मांग की. जब महिला पैसे नहीं दे सकी, तो तीनों उसके जेवरात लेकर थाने आ गए.
महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी रीवा के पुलिस अधीक्षक को दी. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने प्रशिक्षु आईपीएस से जांच कराई. जांच में महिला की शिकायत सही पाई गई यानी जेवरात की कोई वैधानिक जप्ती नहीं बनाई गई थी और सामान चुपचाप रख लिया गया था.
जेवरात की बरामदगी और वापसी
जांच पूरी होने के बाद टीआई और दोनों आरक्षकों से महिला के जेवरात बरामद किए गए. आईजी रीवा गौरव राजपूत ने स्वयं सुनिश्चित किया कि जेवरात महिला को विधिवत रूप से वापस कर दिए जाएं. इससे पीड़िता को तत्काल राहत मिली और कार्रवाई की पारदर्शिता भी बनी रही.
जवाबदेही से समझौता नहीं- आईजी
आईजी गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में अमानत में खयानत या किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि महिला की शिकायत पर नियमों के मुताबिक जांच हुई, आरोप सिद्ध होने पर निलंबन किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू है. मनगवा थाना क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में नियमों के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी.