डिजिटल दौर में जीवनसाथी की तलाश के लिए मैट्रिमोनियल साइट्स का सहारा लेना अब आम बात है, लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जो ऑनलाइन की दुनिया के खतरों और साइबर स्टॉकिंग (Cyber Stalking) के खौफनाक चेहरे को उजागर करता है. दरअसल, यहां एक युवती को मैट्रिमोनियल साइट के जरिए मिले एक युवक से बात करना और फिर शादी से इंकार करना इस कदर भारी पड़ गया कि अब पीड़िता और उसका पूरा परिवार इंसाफ के लिए पुलिस थानों और महिला आयोग की चौखट खटखटाने को मजबूर हैं.
रिश्ते की बात आगे न बढ़ाने का फैसला युवक को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने युवती और उसके सम्मानजनक परिवार को समाज में पूरी तरह बदनाम करने के लिए ऐसी घिनौनी साजिश रच डाली, जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं.
पहली मुलाकात में लगा 'दिमागी रूप से गड़बड़
पीड़िता की बहन के मुताबिक, यह पूरा विवाद जून 2025 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने 'जीवनसाथी डॉट कॉम' पर राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले एक युवक की प्रोफाइल देखी. शुरुआती बातचीत के बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से युवक को भोपाल मिलने के लिए बुलाया गया. पहली ही मुलाकात के दौरान बातचीत में लड़की के परिजनों को भांप गया कि लड़का मानसिक रूप से कुछ ठीक नहीं है. उस वक्त तो लड़की वालों ने 'बाद में जवाब देंगे' कहकर बात टाल दी, लेकिन जुलाई 2025 में उन्होंने शादी के रिश्ते को साफ तौर पर 'ना' कह दिया.
इंकार करते ही शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर
बस इसी 'ना' ने युवक के भीतर के साइको आशिक को जगा दिया. रिश्ते से इंकार के बाद से ही उसने युवती को दिन-रात लगातार फोन कॉल करने और बेहद अश्लील व भद्दे मैसेज भेजने शुरू कर दिए. युवक की इस हरकत से तंग आकर परेशान युवती ने उसका नंबर हर जगह से ब्लॉक कर दिया. लड़की के परिवार को लगा कि मामला यहीं शांत हो जाएगा, लेकिन यह तो सिर्फ एक मानसिक प्रताड़ना की शुरुआत थी.
घर भेज दी 100 से ज्यादा ओला-उबर कारें
रिश्ते से इंकार के करीब 7 महीने बाद, जनवरी 2026 में युवक ने सनक की सारी हदें पार कर दीं. अचानक एक दिन लड़की के घर के बाहर बिना किसी बुकिंग के ओला, उबर और रैपिडो की गाड़ियां लाइन लगाकर पहुंचने लगीं. जब पड़ताल की गई, तो पता चला कि उस सिरफिरे ने उदयपुर में बैठकर फर्जी आईडी से लड़की के घर के पते पर एक दो नहीं, बल्कि 100 से ज्यादा टैक्सियां और बाइक बुक करके भिजवा दी थी, जिससे मोहल्ले में तमाशा बन गया.
AI से शादी कार्ड बना कर पड़ोसियों को भिवा दिए
इसके बाद आरोपी ने टेक्नोलॉजी का सबसे घिनौना इस्तेमाल किया. उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के जरिए युवती और अपनी तस्वीरों को मॉर्फ करके फर्जी शादी की तस्वीरें तैयार कीं. इन तस्वीरों के आधार पर उसने बाकायदा शादी के कार्ड छपवाए और भोपाल में लोकल अखबार बांटने वाले हॉकर्स को पैसे देकर युवती के पूरे मोहल्ले में घर-घर बंटवा दिए. इतना ही नहीं, उसने युवती की फेक अश्लील तस्वीरें भी बनवाईं और उन्हें उसकी पूरी कॉलोनी में लोगों के घरों तक पहुंचा दिया, ताकि लड़की का परिवार समाज में किसी को मुंह दिखाने लायक न रहे.
पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल
इस भयंकर बदनामी और प्रताड़ना से टूट चुकी युवती अपने परिजनों के साथ अशोका गार्डन थाने पहुंची और आपबीती सुनाई, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि रक्षक बनी पुलिस ने शुरुआती तौर पर मदद करने के बजाय पीड़िता को थाने से चलता कर दिया. इसके बाद जब परेशान परिवार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला, तब जाकर उनके कड़े निर्देश पर अशोका गार्डन थाने में मामला दर्ज किया गया. एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस का रवैया बेहद सुस्त रहा, न तो आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोई सख्त कदम उठाए गए और न ही उसे हिरासत में लिया गया.
थक हारकर महिला आयोग पहुंची पीड़िता
पुलिस की इस ढिलाई का फायदा उठाकर आरोपी युवक के हौसले और बुलंद हो गए. वह लगातार फोन बदलकर युवती को परेशान करता रहा और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा. जब पुलिस से कोई उम्मीद नहीं बची, तो थक हारकर पीड़िता मध्य प्रदेश महिला आयोग के दफ्तर पहुंची.
मां-बाप ने भी बेटे को समझाने से किया इंकार
पीड़ित परिवार ने बताया कि यह युवक एक आदतन अपराधी है और इससे पहले भी कई मासूम लड़कियों को मैट्रिमोनियल साइट के जरिए फंसाकर इसी तरह प्रताड़ित कर चुका है. पूर्व में भी उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई हैं, लेकिन समय पर पुलिसिया कार्रवाई न होने के कारण वह हर बार बच निकलता है. लड़की वालों ने इसकी शिकायत लड़के के माता-पिता से भी की थी, लेकिन उन्होंने भी अपने बेटे को कोई समझाइश देने से साफ पल्ला झाड़ लिया.
महिला आयोग ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
अब इस मामले में मध्य प्रदेश महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि यह पूरा मामला बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला है. गंभीर शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न करना और आरोपी को खुला छोड़ देना बेहद आपत्तिजनक है और यह तंत्र को सवालों के घेरे में खड़ा करता है. लिहाजा, महिला आयोग ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और कहा है कि हम पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
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फिलहाल, महिला आयोग के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है, लेकिन यह घटना ऑनलाइन शादी के प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने वाली लड़कियों की सुरक्षा और साइबर कानूनों के क्रियान्वयन पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगाती है.
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