Sagar Kinnar Controversy: सागर किन्नर विवाद में नया मोड़, मध्य प्रदेश के किन्नरों की पंचायत, रानी ठाकुर किन्नर समाज से निष्कासित

Rani Thakur expelled from Kinnar Samaj: किन्नर पंचायत में निर्णय लिया गया कि रानी ठाकुर ने बिना ठोस प्रमाणों के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे समाज में आपसी तनाव और भ्रम की स्थिति बनी. इसे किन्नर समाज की मर्यादा के खिलाफ मानते हुए पंचायत ने रानी ठाकुर को समाज से निष्कासित करने का फैसला सुनाया.

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Sagar Kinnar Controversy: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर (Sagar) जिले में सामने आए चर्चित किन्नर विवाद (Sagar Kinnar Controversy) मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है. दरअसल, सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग सागर पहुंचे और शहर के रंग महल में किन्नर पंचायत का आयोजन किया गया. इस पंचायत में विवाद से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

सागर में किन्नर पंचायत का आयोजन

किन्नर पंचायत के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक (SP) सागर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. किन्नरों ने किन्नर रानी ठाकुर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि इन आरोपों से पूरे किन्नर समाज की छवि धूमिल हो रही है.

रानी ठाकुर को समाज से किया गया बाहर

पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रानी ठाकुर ने बिना ठोस प्रमाणों के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे समाज में आपसी तनाव और भ्रम की स्थिति बनी. इसे किन्नर समाज की मर्यादा के खिलाफ मानते हुए पंचायत ने रानी ठाकुर को समाज से निष्कासित करने का फैसला सुनाया.

किन्नर समाज ने निष्पक्ष जांच की मांग की 

किन्नर समाज के वरिष्ठ लोगों ने स्पष्ट किया कि समाज किसी भी प्रकार के अवैधानिक, जबरन या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले कार्यों का समर्थन नहीं करता है. साथ ही प्रशासन से मांग की गई कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.

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रानी ठाकुर ने सागर की किन्नर किरण नायक पर​​​​​​​ लगाए थे आरोप

बता दें कि किन्नर रानी ठाकुर ने सागर की किन्नर किरण नायक पर गंभीर आरोप लगाए थे. रानी ठाकुर का दावा किया था कि सागर के रंग महल में एक मस्जिद का निर्माण कराया गया है, जहां रहने वाले सभी किन्नरों पर नमाज पढ़ने और रोजा रखने का दबाव बनाया जाता है. रानी ठाकुर का ये भी आरोप लगाया था कि किन्नर नैना ने जब कथित धर्मांतरण का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई. वो मानसिक रूप से आहत होकर आत्महत्या कर ली. इतना ही नहीं रानी ठाकुर ने ये भी आरोप भी लगाए गए कि हिंदुओं से मिलने वाली बधाई की रकम को मदरसों और मस्जिदों में फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया गया.

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