MP में ‘प्रोटोकॉल बनाम वर्चस्व’ की जंग: राजगढ़ MLA बोले-विवादित अफसर हटने तक मंच नहीं करेंगे साझा

Rajgarh Political Controversy: मध्य प्रदेश के राजगढ़ में विधायक और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया है. प्रोटोकॉल विवाद के चलते जनप्रतिनिधियों ने सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार कर दिया है.

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Rajgarh Political Controversy: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सियासत में इन दिनों ‘प्रोटोकॉल' और ‘वर्चस्व' को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है. अधिकारियों की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की कथित अनदेखी ने अब बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.

राजगढ़ से विधायक अमरसिंह यादव की नाराजगी इस कदर बढ़ गई है कि उन्होंने सीएमएचओ, सिविल सर्जन और संभागीय खेल अधिकारी की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और खेल मंत्री तक पहुंचा दी है.

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आंबेडकर जयंती कार्यक्रम पर दिखा असर

विवाद का सीधा असर डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के मुख्य सरकारी कार्यक्रम में देखने को मिला. जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम से विधायक समेत भाजपा के कई बड़े नेता नदारद रहे, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई.

अस्पताल और खेल विभाग बना विवाद की जड़

पूरा मामला जिला अस्पताल और खेल विभाग में कथित अव्यवस्थाओं से जुड़ा है. हाल ही में अस्पताल में चार नए ऑपरेशन थिएटर (OT) के शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया. इसी को लेकर विधायक यादव ने इसे अपनी गरिमा का अपमान बताया और अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया.

खेल विभाग पर भी गंभीर आरोप

विधायक ने संभागीय खेल अधिकारी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने खेल मंत्री विश्वास सारंग से शिकायत करते हुए कहा कि एक ही अधिकारी लंबे समय से एक ही जगह पर पदस्थ है. साथ ही, स्विमिंग पूल के रिनोवेशन में खर्च हुए 25 लाख रुपए की राशि पर भी सवाल खड़े किए गए हैं.

कैसे भड़की नाराजगी?

सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल और सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया. हालांकि, सीएमएचओ का कहना है कि यह केवल सामान्य शुभारंभ था, कोई औपचारिक लोकार्पण या भूमिपूजन नहीं था, और सूचना दे दी गई थी.

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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

राजगढ़ में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं. कई बार सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार भी किया जा चुका है.

विपक्ष ने भी दिया साथ

इस विवाद में कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया ने भी विधायक का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन लंबे समय से जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहा है.

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वहीं, विधायक अमरसिंह यादव ने साफ कहा है कि जब तक संबंधित अधिकारियों को हटाया नहीं जाता, वे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. उनका कहना है कि यह मामला व्यक्तिगत नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा से जुड़ा है और कार्रवाई बेहद जरूरी है.

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