Rajgarh Road Rage:मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से इंसानियत और साहस की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसका अंत बेहद दुखद रहा. यहां 60 वर्षीय भगवान सिंह अपने बीमार दामाद को इलाज के लिए राजस्थान के झालावाड़ ले जा रहे थे. रास्ते में खिलचीपुर में ट्रैफिक जाम हटाने के लिए जैसे ही वे गाड़ी से उतरे, एक पिकअप चालक ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया.सिर पर गंभीर चोट लगने के बावजूद बुजुर्ग ने सिर पर तौलिया बांधा और करीब 120 किलोमीटर का सफर तय कर दामाद को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन खुद रास्ते में जिंदगी की जंग हार गए.
ट्रैफिक जाम हटाने के विवाद में सिर पर रॉड से हमला
घटना राजगढ़ के खुजनेर थाना क्षेत्र के सिरंगी गांव की है. 60 वर्षीय भगवान सिंह अपने 45 वर्षीय दामाद मनोहर सिंह को, जो सांस की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, इलाज के लिए राजस्थान के झालावाड़ ले जा रहे थे. दोपहर करीब 12:22 बजे खिलचीपुर बस स्टैंड के पास उनकी कार ट्रैफिक जाम में फंस गई. सड़क पर एक पिकअप वाहन आड़ा खड़ा होने के कारण विवाद हो रहा था. भगवान सिंह अपने दामाद को जल्दी अस्पताल पहुंचाना चाहते थे, इसलिए वे गाड़ी से उतरे और पिकअप चालक कैलाश तंवर से वाहन हटाने को कहा. इसी दौरान नशे में धुत आरोपी कैलाश ने लोहे की रॉड से भगवान सिंह के सिर पर जोरदार हमला कर दिया.
दर्द छिपाकर तय किया 120 किलोमीटर का सफर
सिर में गंभीर चोट लगने के बावजूद भगवान सिंह का पूरा ध्यान अपने दामाद की जान बचाने पर था. उन्होंने परिवार को हमले की गंभीरता नहीं बताई और सिर पर तौलिया बांधकर चुपचाप ड्राइविंग सीट पर बैठ गए. वे घायल अवस्था में करीब 50 किलोमीटर तक गाड़ी चलाते रहे. जब सिर से खून अधिक बहने लगा और उनकी हालत बिगड़ने लगी, तब परिवार उन्हें पहले राजस्थान के इकलेरा अस्पताल ले गया. वहां से डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत रेफर कर दिया. इसके बाद परिवार उन्हें 70 किलोमीटर दूर झालावाड़ अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने भगवान सिंह को मृत घोषित कर दिया.
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के बाद खिलचीपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की तलाश शुरू की. थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती ने बताया कि आरोपी कैलाश तंवर (26) को राजपुर के पास प्रेमपुरा से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार, वारदात के समय आरोपी शराब के नशे में था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
सड़क की बदहाली और संकरे रास्तों ने ली जान
इस दुखद घटना ने स्थानीय प्रशासन और सड़क निर्माण की खामियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड से झालावाड़ नाका तक सड़क काफी संकरी है, जिसके कारण आए दिन ट्रैफिक जाम और विवाद होते रहते हैं. करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से बनी सिटी पोर्शन रोड की चौड़ाई कम होने से यहां वाहन अक्सर फंस जाते हैं. लोगों का मानना है कि अगर ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त होती और सड़क चौड़ी होती, तो शायद भगवान सिंह को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती.
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