Raisen Ujjwala Yojana Ground Report: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) का उद्देश्य देश के हर पात्र गरीब परिवार तक रसोई गैस कनेक्शन (Grameen Gas Connection) पहुँचाकर महिलाओं को धुएं की भट्ठी से मुक्ति दिलाना है. लेकिन रायसेन जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना की तस्वीर कुछ अलग ही कहानी बयां करती है. सांची जनपद पंचायत के अंतर्गत हिनोतिया गांव, घेटाकछार, और बाड़ी जनपद पंचायत के कई गांवों में आज भी गरीब परिवार गैस कनेक्शन के इंतजार में हैं.
Ujjwala Yojana: रायसेन में उज्ज्वला योजना की हकीकत
महिलाएं आज भी जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर
इन गांवों की महिलाओं का कहना है कि वे रोज सुबह जंगल से लकड़ी लाती हैं और पारंपरिक चूल्हों पर खाना बनाती हैं, जिससे धुआं न सिर्फ उनकी आँखों और फेफड़ों को प्रभावित करता है बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सचिव और सरपंच को कई बार आवेदन दिए, लेकिन अब तक उन्हें उज्ज्वला गैस सिलेंडर नहीं मिला.
योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की योजना कागज़ों में तो तेज़ी से आगे बढ़ रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई पात्र परिवार उपेक्षित हैं. लोगों का कहना है कि गांवों में कई घर ऐसे हैं जहाँ अभी तक कनेक्शन की जांच तक नहीं हुई, और न ही किसी अधिकारी ने स्थिति देखने की कोशिश की है.
बाड़ी और सांची जनपद पंचायतों के वीडियो ने खोली पोल
बाड़ी तहसील से सामने आया वीडियो साफ दिखाता है कि महिलाएं लकड़ी के चूल्हे पर रोटी बनाते हुए परिवार का पेट भर रही हैं. उनका कहना है कि कई बार निवेदन करने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला. सांची जनपद पंचायत के हिनोतिया गांव और घेटाकछार में भी हालात बिल्कुल समान हैं. दोनों जनपद पंचायतों के वीडियो सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं.
स्वास्थ्य पर बढ़ रहा धुएं का खतरा
गैस कनेक्शन न होने से महिलाओं को रोजाना धुएं में खाना बनाना पड़ता है. ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अनुसार, इससे सांस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन, और दीर्घकालिक श्वसन रोग बढ़ने का खतरा रहता है.
ग्रामीणों की मांग : योजना का लाभ धरातल तक पहुंचे
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उज्ज्वला योजना के वास्तविक लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचें और देरी करने वाले जिम्मेदारों पर कार्यवाही हो. लोगों का कहना है कि “योजना अच्छी है, लेकिन क्रियान्वयन कमजोर है. अगर गैस कनेक्शन मिल जाए, तो महिलाओं को रोजाना के धुएं से छुटकारा मिलेगा.”
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