Sagar Police Eve Teaching Allegation: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर (Sagar) जिले से पुलिस की गुंडागर्दी और शर्मनाक व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, यहां डायल 100 (112) पर तैनात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है कि उन्होंने न केवल देर रात काम से लौट रहे कैटरिंग कर्मचारियों के साथ मारपीट की, बल्कि साथ में मौजूद महिला वेटर्स (गर्ल्स वेटर) के साथ बेहद अभद्र व्यवहार और अश्लील टिप्पणियां भी कीं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में भारी आक्रोश है.
पीड़ितों के अनुसार, यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 3:30 बजे की है. भोपाल रोड स्थित एक होटल में शादी का काम निपटाकर कैटरिंग कर्मचारी गाड़ी से घर लौट रहे थे. इसी दौरान डायल 112 के स्टाफ ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया. आरोप है कि पुलिस वाहन में सवार कर्मियों ने गाड़ी में बैठी लड़कियों को देखकर भद्दे इशारे किए और उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की.
चकराघाट पर रुकी गाड़ी और शुरू हुआ तांडव
जब कैटरिंग कर्मचारियों ने पुलिस की इन हरकतों को नजरअंदाज करने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मी और उग्र हो गए. चकराघाट कॉरिडोर के पास पुलिस ने कर्मचारियों का वाहन रुकवा लिया. आरोप है कि डायल 112 के ड्राइवर और आरक्षक ने गाड़ी से उतरते ही गाली गलौज शुरू कर दी. जब कर्मचारियों ने लड़कियों के सम्मान में विरोध जताया, तो पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए उनके साथ बेरहमी से मारपीट की.
"लड़कियों को हमारी गाड़ी में बैठाओ"
मोती नगर थाने में दी गई लिखित शिकायत में कैटरिंग संचालक शैलेंद्र सोनी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, पुलिसकर्मी जिद कर रहे थे कि गर्ल्स वेटर को उनकी पुलिस गाड़ी में बैठाया जाए. जब कर्मचारियों ने लड़कियों की सुरक्षा के मद्देनजर इससे मना किया, तो पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी. यह भी आरोप है कि घटना के वक्त पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे और उनकी वर्दी पर नेम प्लेट या बैज भी नहीं था.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवाद का वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है. वीडियो में सड़क पर मची अफरा-तफरी और पुलिसकर्मियों की धक्का-मुक्की साफ देखी जा सकती है. शहर की जनता अब सवाल उठा रही है कि अगर रक्षक ही आधी रात को महिलाओं और मेहनतकश लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे, तो समाज में सुरक्षा का भरोसा कैसे कायम होगा?
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मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने शिकायत दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों की जांच की जा रही है. देर रात काम से लौटने वाली महिलाओं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इस घटना ने 'खाकी' की छवि पर गहरा दाग लगा दिया है. अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या इन वर्दीधारी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होती है या मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा.
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