पन्ना टाइगर रिजर्व में 'फिट' बाघ की संदिग्ध मौत! सात दिन पहले हुए रेस्क्यू और मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

पन्ना टाइगर रिजर्व में सात दिन पहले रेस्क्यू कर ‘पूरी तरह फिट’ घोषित किए गए नर बाघ की संदिग्ध हालात में मौत ने वन विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. रेडियो कॉलर से 24 घंटे मॉनिटरिंग के बावजूद बाघ की मौत की भनक समय पर नहीं लगी.

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Panna Tiger Reserve Tiger Death: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जिसने वन विभाग के दावों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महज सात दिन पहले जिस दो वर्षीय नर बाघ को पूरी तरह स्वस्थ बताकर जंगल में छोड़ा गया था, उसी बाघ का शव आज संदिग्ध हालात में मिला है. बाघ की अचानक मौत ने न सिर्फ मॉनिटरिंग व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि मेडिकल जांच की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

अमानगंज बफर रेंज से हुआ था रेस्क्यू

जानकारी के अनुसार, यह नर बाघ कुछ दिन पहले अमानगंज बफर रेंज के तारा ग्राम क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था. ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई देने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे पकड़कर परीक्षण के लिए भेजा था, ताकि किसी भी तरह की बीमारी या कमजोरी की जांच की जा सके.

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स्वस्थ घोषित कर पहनाया गया था रेडियो कॉलर

वन्यप्राणी चिकित्सकों ने 26 अप्रैल को बाघ की जांच की थी और उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया था. इसके बाद उसे रेडियो कॉलर पहनाकर दोबारा जंगल में छोड़ दिया गया. विभाग की ओर से यह भी कहा गया था कि बाघ की 24 घंटे रेडियो कॉलर के जरिए निगरानी की जा रही है.

सात दिन में कैसे हुई बाघ की मौत?

मंगलवार 5 मई को बाघ का शव रामपुरा बीट के पास जंगल में पाया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि इतने कम समय में फिट घोषित किया गया बाघ कैसे और किन परिस्थितियों में मर गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं लगी. यह सवाल अब वन विभाग की लगातार मॉनिटरिंग के दावों को कठघरे में खड़ा कर रहा है.

मॉनिटरिंग व्यवस्था पर खुले सवाल

अगर रेडियो कॉलर के जरिए लगातार निगरानी की जा रही थी, तो बाघ की गतिविधियों में आई असामान्यता या उसकी मौत की सूचना समय रहते क्यों नहीं मिली. इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कहीं मॉनिटरिंग सिर्फ कागजों तक ही सीमित तो नहीं रह गई है.

पहले भी मिल चुका है बाघ का कंकाल

यह पहला मामला नहीं है जब पन्ना टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हों. हाल ही में गंगऊ क्षेत्र में भी एक बाघ का कंकाल मिला था, जिसने पहले ही वन्यजीव सुरक्षा तंत्र की कमजोरी उजागर कर दी थी. अब एक और बाघ की संदिग्ध मौत से चिंताएं और गहराने लगी हैं.

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पोस्टमार्टम के बाद होगा खुलासा

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक बृजेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बाघ का शव सुरक्षित हालत में मिला है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा. फिलहाल विभाग सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रहा है.