"कोई कितना ही प्रिय हो जो राम जी का अनादर करे..." कांग्रेस से भाजपाई बने सुरेश पचौरी बोले

बीजेपी के सदस्यता लेने के बाद पचौरी ने कहा, मैं समाज सेवा और देश सेवा करने राजनीति में आया था. एक नारा लगा था ना जात पर ना बात पर आज वह नारा किनारे हो गया है. पिछले दिनों जो कांग्रेस में राजनीतिक निर्णय हो रहे हैं, जो धार्मिक निर्णय हो रहे हैं. वह बड़े असहज करने वाले हैं.

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सुरेश पचौरी बीजेपी में हुए शामिल

Suresh Pachori: शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी (Suresh Pachori) बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए. इस दौरान सीएम यादव (Mohan Yadav), पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद रहे. उनके साथ गजेंद्र सिंह राजू खेड़ी जो कि धार से सांसद रहे हैं, 2023 में कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले संजय शुक्ला, पूर्व विधायक विशाल पटेल, होशंगाबाद जिले के बड़े कांग्रेसी नेता और पूर्व विधायक अर्जुन पलियास, सतपाल पलिया और कैलाश मिश्रा ने भी बीजेपी की सदस्यता ली.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा...

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सुरेश पचौरी के भाजपाई बनने के बाद कहा, 'आज की घटना मध्य प्रदेश की असाधारण घटना है. पचौरी जी छात्र जीवन से बड़े नेता रहे हैं. मैं उनका कायल रहा हूं. पचौरी जी के दामन पर कभी एक भी दाग नहीं लगा. यह कांग्रेस का दुर्भाग्य है कि ऐसे नेता नेतृत्व कर रहे हैं जिनकी दिशा ही तय नहीं है कि कहां जाएंगे. पूर्व सीएम ने कहा कांग्रेस, सुरेश पचौरी जैसे नेता का सम्मान नहीं कर पाई तो कांग्रेस खत्म होगी ही.'

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उन्होंने कहा पचौरी ने ईमानदारी के साथ जिंदगी भर राजनीति की है. शिवराज सिंह ने इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव की भी तारीफ की और कहा वो मुझसे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. वहीं गजेंद्र सिंह राजू खेड़ी ने सुरेश पचौरी को अपना मार्गदर्शक और गुरु बताया. उन्होंने कहा कांग्रेस ने कभी भी किसी आदिवासी को राज्यसभा नहीं भेजा. वोट आदिवासियों का मलाई कोई और खा जाए,यह चलने वाला नहीं है.

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राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकराना है अमर्यादित

बीजेपी के सदस्यता लेने के बाद पचौरी ने कहा, मैं समाज सेवा और देश सेवा करने राजनीति में आया था. एक नारा लगा था ना जात पर ना बात पर आज वह नारा किनारे हो गया है. पिछले दिनों जो कांग्रेस में राजनीतिक निर्णय हो रहे हैं, जो धार्मिक निर्णय हो रहे हैं. वह बड़े असहज करने वाले हैं. उन्होंने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकराना अमर्यादित बताया.

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उन्होंने कहा कि कोई कितना ही प्रिय हो जो राम जी का अनादर करें तो उसे छोड़ दो, तो मैंने कांग्रेस छोड़ दी. राख के ढेर पर ना शोले हैं ना अंगारे हैं कुछ तो बात होगी कि हम बेवफा हो गए. उन्होंने कहा मैं बगेर शर्त के यहां पर आया हूं. 

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