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रेल पटरी से ट्रक निकालने के लिए बंद की ओवरहेड लाइन, चार घंटे ठप रहा आवागमन  

निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में रेल पटरी से ट्रक निकालने के लिए ओवरहेड बिजली लाइन की सप्लाई बंद किए जाने से करीब चार घंटे तक आवागमन ठप रहा. स्टील प्लांट की मशीनरी लेकर पहुंचे ट्रकों को निकालने के दौरान भीषण गर्मी में वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

रेल पटरी से ट्रक निकालने के लिए बंद की ओवरहेड लाइन, चार घंटे ठप रहा आवागमन  

Railway Overhead Line Shutdown: निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में शुक्रवार को उस समय अफरा‑तफरी का माहौल बन गया, जब स्टील प्लांट की भारी मशीनरी से लदे ट्रकों को रेलवे पटरी पार कराने के लिए ओवरहेड बिजली लाइन की सप्लाई बंद करनी पड़ी. इस दौरान करीब चार घंटे तक रेल पटरी से गुजरने वाला पूरा आवागमन ठप रहा. अचानक रास्ता बंद होने से भीषण गर्मी में वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

निवाड़ी से मयंक की रिपोर्ट...

दस दिनों से खड़ी थी मशीनरी से लदी ट्रकें

पृथ्वीपुर तहसील में स्थापित होने वाले स्टील प्लांट की मशीनरी लेकर मुंबई से निकले पांच ट्रक करीब दस दिन पहले निवाड़ी पहुंचे थे. ये ट्रक नवीन कलेक्ट भवन के सामने रेल लाइन के पास खड़े थे और रेलवे से पटरी पार करने की अनुमति का इंतजार कर रहे थे. लंबी प्रक्रिया के बाद शुक्रवार को अंततः रेल विभाग से इन्हें निकालने की अनुमति मिली.

ओवरहेड लाइन की सप्लाई बंद कर निकाले गए ट्रक

रेल विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेनों के संचालन के लिए पटरी के ऊपर लगी ओवरहेड बिजली लाइन की सप्लाई बंद की गई. इसके साथ ही बिजली के तारों को अस्थायी रूप से और ऊपर की ओर शिफ्ट किया गया. इस पूरी प्रक्रिया में करीब चार घंटे का समय लग गया, जिसके चलते पटरी के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

चार घंटे तक पूरी तरह रुका रहा आवागमन

बिजली तारों की शिफ्टिंग और ट्रकों को सुरक्षित निकालने के दौरान रेल पटरी से होकर गुजरने वाला रास्ता पूरी तरह बंद रहा. दो पहिया, चार पहिया वाहन, यात्री बसें और भारी ट्रक जहां के तहां फंसे रहे. कुछ दो पहिया वाहन वैकल्पिक रास्तों से निकल गए, लेकिन बड़े वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ा.

भीषण गर्मी में यात्रियों को आई भारी दिक्कत

आवागमन ठप रहने से खासतौर पर यात्री बसों में सवार लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भीषण गर्मी में घंटों बसों में बैठे रहना पड़ा. कई यात्रियों ने बताया कि पानी तक की किल्लत हो गई और अचानक रास्ता बंद होने से पूरी यात्रा अस्त-व्यस्त हो गई.

बिना सूचना बंद किया गया रास्ता

वाहन चालकों का कहना है कि अगर रेल विभाग पहले से आवागमन बंद होने की सूचना दे देता, तो वे वैकल्पिक मार्ग चुन सकते थे. चार पहिया वाहन और बस चालकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के रास्ता बंद करना आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ाने जैसा है.

अब अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए ट्रक

करीब चार घंटे बाद बिजली लाइन को पुनः सामान्य किया गया और आवागमन शुरू हुआ. इसके बाद स्टील प्लांट की मशीनरी से लदे सभी पांचों ट्रक अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए. हालांकि, इस दौरान हुई परेशानी ने प्रशासन और रेल विभाग की तैयारियों पर सवाल जरूर खड़े किए हैं.

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