रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी जमीनी तैयारी अभी से शुरू कर दी है. राज्य में सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस अब संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर पर मजबूत करने में जुट गई है. जून में प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को दिल्ली में राहुल गांधी समेत राष्ट्रीय नेताओं से ट्रेनिंग दिलाने के बाद, अब पार्टी ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है. यह ट्रेनिंग कैम्प संभाग स्तर पर आयोजित किए जाएंगे.
'कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत'
कांग्रेस के इस अभियान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति की बारीकियां सिखाई जाएंगी. उन्होंने कहा, "कार्यकर्ता ही हमारी पार्टी की असली ताकत हैं. इनके दम पर ही कांग्रेस बूथ से लेकर ब्लॉक स्तर तक खुद को पुनः मजबूत करेगी."
बीजेपी का तंज: 'खानापूर्ति कर रही कांग्रेस'
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस कवायद पर तीखा तंज कसा है. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "कांग्रेस ट्रेनिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है. उन्हें कार्यकर्ताओं के बजाय अपने शीर्ष नेतृत्व को ट्रेनिंग देने की जरूरत है, जो आपस में ही लड़ते रहते हैं. उनके बड़े नेता भूपेश बघेल जहां जाते हैं, वहां अंतर्कलह बढ़ा देते हैं. इस ट्रेनिंग का कोई असर नहीं होने वाला."
कांग्रेस का पलटवार: 'बीजेपी अपनी चिंता करे'
बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने कहा, "बीजेपी को अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए, कांग्रेस में सब ठीक है. कांग्रेस समय-समय पर अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को मजबूत करने के लिए आयोजन करती रहती है. क्या ट्रेनिंग करवाने का ठेका बीजेपी के पास है? उन्हें अपने काम पर ध्यान देना चाहिए."