World Book Fair 2026: विश्व पुस्तक मेला दिल्ली में शुरू; पहली बार फ्री इंट्री, सैन्य इतिहास पर फोकस

World Book Fair 2026: नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर का 53वां एडिशन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से आयोजित किया जा रहा है. इसमें साहित्यिक कार्यक्रम 18 जनवरी तक चलेगा, जहां पहली बार आम जनता के लिए एंट्री पूरी तरह से फ्री रहेगी. इस कदम का मकसद देशभर में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लोगों की ज्यादा भागीदारी को प्रोत्साहित करना है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
New Delhi World Book Fair 2026: विश्व पुस्तक मेला दिल्ली में शुरू; पहली बार फ्री इंट्री, सैन्य इतिहास पर फोकस

New Delhi World Book Fair 2026: डिजिटल दुनिया में जहां हर चीज मोबाइल, कंप्यूटर से लेकर आपकी मल्टी-फंक्शन टीवी स्क्रीन पर एक क्लिक में उपलब्ध हो जाती है. उस दौर में भी किताबों का अपना क्रेज है. आज भी किताबों के कद्रदान कम नहीं हैं. कहते हैं, 'किताबें बोलती हैं, आप बीती और जग बीती भी.' इस लिहाज से किताबों के शौकीनों, युवाओं, बच्चों-बूढ़ों से लेकर महिलाओं तक, सभी का इंतजार नई दिल्ली में 'विश्व पुस्तक मेले' में पूरा होने वाला है. विश्व का सबसे बड़ा पुस्तक मेला यानी नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 10 जनवरी से शुरू हो चुका  है. यह आयोजन 18 जनवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. 

फ्री इंट्री : इस बार ये है थीम

यह इस पुस्तक मेले का 53वां संस्करण है. पहली बार पुस्तक मेले में सभी का प्रवेश निशुल्क रखा गया है. नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का केंद्रीय आकर्षण इसका थीम पवेलियन होगा, जिसका शीर्षक है “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75”. स्वतंत्रता के बाद से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मानित करते हुए 1,000 वर्ग मीटर का यह खास मंडप तैयार किया गया है.

इसे 360 डिग्री के अनुभव के रूप में डिजाइन किया गया है. इस मंडप में 500 से अधिक पुस्तकें, चयनित प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे. मुख्य आकर्षणों में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियां, 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि तथा बड़गाम 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर सत्र शामिल रहेंगे.
Advertisement

यह आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है. एनबीटी के अनुसार नौ दिन तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशकों के 3000 से ज्यादा स्टॉल लगेंगे. यहां 600 से अधिक आयोजनों में 1000 से ज्यादा वक्ता संवाद करेंगे. वहीं 20 लाख से अधिक लोगों के इसमें शामिल होने की संभावना है.

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे के मुताबिक, "हमने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे किए हैं और अपनी सशस्त्र सेनाओं को नमन करते हुए इस बार के विश्व पुस्तक मेले की थीम 'भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75' रखी गई है." 

आयोजकों ने बताया कि इस बार का विश्व पुस्तक मेला भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी सराहनीय भूमिका को समर्पित है. इसी को ध्यान में रखते हुए पहली बार पुस्तक मेले में सभी के लिए प्रवेश फ्री रखा गया है. मेले का आयोजन पुस्तकों और ज्ञान को सभी के लिए सुलभ बनाने के मकसद से किया गया है. जेन-जी को किताबों से जोड़ने के लिए भी यह पहल बेहद खास है. पुस्तक मेले के अंदर आयोजित होने वाली सभी गतिविधियां भी निशुल्क रहेंगी.

Advertisement
विश्व पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से अधिक प्रकाशक आ रहे हैं. मेले में 3,000 से ज्यादा स्टॉल शामिल होंगे. यहां 600 से अधिक आयोजनों में 1,000 से ज्यादा वक्ता संवाद भी करेंगे. इस पुस्तक मेले में 20 लाख से अधिक लोगों के आने का अनुमान भी जताया गया है.

वहीं, मेले में बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिलने जा रही है. इस साहित्यिक महाकुंभ में नन्हे पाठकों को देश के गौरव, एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से रूबरू होने और उनसे प्रेरणा लेने का विशेष अवसर मिलेगा. विज्ञान, अंतरिक्ष और ज्ञान की दुनिया से सीधे संवाद के साथ यह मुलाकात बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बनेगी, जहां किताबों के साथ-साथ सपनों को भी पंख मिलेंगे.

यह भी पढ़ें : Vishwa Hindi Diwas 2026: सिर्फ भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति है हिंदी, जानिए विश्व हिंदी दिवस का महत्व

Advertisement

यह भी पढ़ें : Aadhaar For Students: आधार अपडेट नहीं तो होगा नुकसान? MP में विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार

यह भी पढ़ें : Rose Exhibition Bhopal 2026: भोपाल में गुलाब प्रदर्शनी का इंतजार खत्म; इन तारीखों को सजेगा गुलाब उद्यान

यह भी पढ़ें : Swachh Jal Abhiyan: मप्र में स्वच्छ जल अभियान; CM मोहन ने कहा शहर हो गांव हर जगह साफ पेयजल मिले