Inside Life in Uniform: एनडीटीवी के ‘जय जवान’ में बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, गणतंत्र दिवस पर देखिए विशेष कार्यक्रम  

गणतंत्र दिवस पर एनडीटीवी का चर्चित कार्यक्रम जय जवान एक विशेष एपिसोड लेकर आ रहा है, जिसमें अभिनेत्री भूमि पेडनेकर भारतीय सेना के जवानों के साथ नजर आएंगी. शिलांग और उसके आसपास शूट हुए इस एपिसोड में सेना के प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व और सैनिकों के भावनात्मक जीवन की झलक देखने को मिलेगी. भूमि पेडनेकर का अनुभव दर्शकों को जवानों की दुनिया के और करीब ले जाएगा. 

विज्ञापन
Read Time: 4 mins

गणतंत्र दिवस पर, जब देश आजादी और कर्तव्य पर चिंतन कर रहा है, तब एनडीटीवी का प्रतिष्ठित कार्यक्रम 'जय जवान' दर्शकों को उन पुरुषों और महिलाओं के और भी करीब ले जाएगा, जो हर दिन इस कर्तव्य को निभाते हैं. 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस के मौके पर एनडीटीवी 'जय जवान' का एक विशेष एपिसोड प्रसारित करेगा, जिसमें अभिनेत्री भूमि पेडनेकर नजर आएंगी. यह एपिसोड भारतीय सेना के जवानों के जीवन और उनकी राष्ट्र की सेवा की कहानी बेहद गहराई से दर्शकों के सामने पेश करेगा.  

शिलांग और उसके आसपास फिल्माए गए इस विशेष कार्यक्रम में अभिनेत्री पेडनेकर को असम रेजिमेंटल सेंटर का दौरा करते और वहां प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों और जवानों के साथ एक दिन बिताते हुए दिखाया गया है.  'जय जवान' कार्यक्रम उनकी यात्रा उमियाम झील के पानी को पार करने से लेकर सेना के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के अनुभव, विशेष संवाद, अनुशासन, तैयारी और राष्ट्र के लिए निःस्वार्थ सेवा से परिभाषित एक दुनिया की झलक दिखाता है.  

दिनभर भूमि पेडनेकर लाइव टैक्टिकल ड्रिल्स (प्रत्यक्ष सामरिक अभ्यास) देखती हैं, असॉल्ट और सपोर्ट मैनूवर्स (आक्रमण और सहायता युद्धाभ्यास) का प्रशिक्षण देखती हैं और ऑपरेशनल भूमिकाओं के लिए तैयार हो रहे युवा रंगरूटों से नज़दीकी संवाद करती हैं. दर्शक प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे कि किस तरह समन्वय, सहनशक्ति और पलभर में निर्णय लेने की क्षमता को कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से विकसित किया जाता है, और कैसे मैदान पर हर एक मूवमेंट महीनों और वर्षों की तैयारी को दर्शाता है.

एपिसोड में रैंकों के भीतर मेंटरशिप और लीडरशिप पर भी विशेष जोर दिया गया है. वरिष्ठ अधिकारी जटिल अभ्यासों के दौरान युवा सैनिकों का मार्गदर्शन करते नजर आते हैं, हर आदेश के पीछे की सोच और वर्दी पहनने के साथ आने वाली जिम्मेदारी को समझाते हैं. ये पल दर्शकों को यह समझने का अवसर देते हैं कि अनुशासन कैसे सिखाया जाता है, आत्मविश्वास कैसे बनाया जाता है और सेना अपने जवानों को सिर्फ युद्ध के लिए ही नहीं, बल्कि सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व के लिए कैसे तैयार करती है.

ट्रेनिंग ग्राउंड से दूर के दृश्य भी उतने ही प्रभावशाली हैं. बेबाक बातचीत में सैनिक अपने पीछे छूटे परिवारों, लंबी पोस्टिंग की चुनौतियों और देश सेवा से मिलने वाले गर्व के बारे में बात करते हैं. अनौपचारिक बैठकों और शाम के संवादों के दौरान यह एपिसोड आपसी भाईचारे, हास्य और आत्मचिंतन को भी कैद करता है, जो अलगाव, अनिश्चितता और बलिदान के बीच सैनिकों को संबल देता है. 

Advertisement

कुछ कहने को नहीं बचता- सिर्फ सम्मान

एपिसोड के दौरान भूमि पेडनेकर अपने अनुभव का असर साझा करती हैं. वह कहती हैं, ‘मैंने बचपन से जय जवान देखा है. आज यहां आकर हमारे सैनिकों के प्रशिक्षण और उनके जीवन को देखना बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव है. कुछ पल ऐसे होते हैं जब कुछ कहने को नहीं बचता- सिर्फ सम्मान.'

करुणा और साहस को दर्शाता है

एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि 'जय जवान' का गणतंत्र दिवस विशेष एपिसोड चैनल के गहरे संपादकीय मूल्यों को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘जय जवान हमेशा से एनडीटीवी के सबसे अर्थपूर्ण प्रारूपों में से एक रहा है, क्योंकि यह सशस्त्र बलों के प्रति गहरे सम्मान पर आधारित है. भूमि पेडनेकर के साथ यह एपिसोड भारतीय सेना की भावना, अनुशासन, करुणा और साहस को दर्शाता है. गणतंत्र दिवस पर इन कहानियों को ईमानदारी और सम्मान के साथ प्रस्तुत करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.'

दशकों से 'जय जवान' भारतीय टेलीविजन पर एक विशिष्ट पहचान बनाए हुए है, जो दर्शकों को भारत के सैनिकों के जीवन की एक प्रामाणिक झलक पेश करता है. भूमि पेडनेकर के साथ गणतंत्र दिवस विशेष कार्यक्रम उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें घटित घटनाओं की गहन कहानी प्रस्तुत की गई है जो चिंतनशील, ज्ञानवर्धक और अत्यंत भावपूर्ण है. 'जय जवान' का यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस पर एनडीटीवी नेटवर्क पर नीचे दिए गए समय पर प्रसारित होगा. 

Advertisement

कहा और कब देखें ?

• एनडीटीवी इंडिया – दोपहर 2:00 बजे और रात 10:00 बजे
• एनडीटीवी 24×7 – दोपहर 1:00 बजे और शाम 6:00 बजे
• एनडीटीवी मध्य प्रदेश-केंद्र शासित प्रदेश – रात 8:00 बजे और रात 11:00 बजे
• एनडीटीवी राजस्थान – दोपहर 3:00 बजे और रात 9:00 बजे

Dhar Bhojshala: बसंत पूजा के बीच ‘डमी नमाज़', क्या मुस्लिम समाज के लोगों को 16 घंटे रोका गया? जानें पूरा विवाद

Advertisement

Topics mentioned in this article