NDTV की खबर का असर: DEO समेत कई अधिकारी पर FIR, सिंगरौली शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटाले पर लोकायुक्त सख्त

NDTV की खबर के बाद सिंगरौली शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटाले पर लोकायुक्त रीवा ने कड़ी कार्रवाई की है. जिला शिक्षा अधिकारी समेत कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है. स्कूलों में खरीद से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी गई.

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Singrauli Education Scam Action: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आने के बाद अब कार्रवाई भी शुरू हो गई है. NDTV पर खबर सामने आने के बाद लोकायुक्त रीवा ने जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए की खरीद में हुई कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है. इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी समेत कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर लिया गया है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है.

शिकायत के बाद हरकत में आया लोकायुक्त

जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले को लेकर एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिंगरौली में तय नियमों को नजरअंदाज कर बड़े पैमाने पर खरीद की गई और पद का दुरुपयोग करते हुए भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं.

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जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सामने आए आंकड़े हैरान करने वाले हैं. दस्तावेजों के अनुसार, 558 शालाओं के लिए स्वच्छता और कीटाणुनाशक सामग्री की खरीद दिखाई गई, जिस पर करीब 97 लाख 67 हजार 790 रुपये खर्च किए गए. इसके अलावा 19 स्कूलों के लिए वर्चुअल रियलिटी लैब की खरीद में लगभग 4 करोड़ 68 लाख 16 हजार रुपये खर्च होने की बात सामने आई. वहीं 61 विद्यालयों में बिजली व्यवस्था, उपकरण और सामान्य मरम्मत सामग्री की खरीद पर करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है. इन सभी खरीद प्रक्रियाओं को लेकर नियमों, निविदा प्रक्रिया और भुगतान पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.

DEO समेत कई अधिकारियों पर FIR

जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त रीवा ने सिंगरौली के जिला शिक्षा अधिकारी सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक शिक्षा राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल, सहायक परियोजना समन्वयक (वित्त) छविलाल सिंह सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 43/2026 दर्ज किया है. यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

दस्तावेज जब्त, वित्तीय लेनदेन की जांच तेज

विवेचना के दौरान 15 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त रीवा की टीम जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिंगरौली पहुंची. टीम ने वहां से खरीद से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए, जिनमें टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृति आदेश, सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड, बिल और भुगतान के कागजात शामिल हैं. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अब पूरे वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है.

लोकायुक्त का बयान

इस मामले में लोकायुक्त रीवा के टीआई संदीप भदौरिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच की गई थी. जांच में शुरुआती तौर पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, इसी के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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NDTV की खबर के बाद बढ़ी कार्रवाई

NDTV की रिपोर्ट के बाद हुई इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. करोड़ों रुपये की खरीद से जुड़ा यह मामला अब राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. लोकायुक्त की जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.