Government vehicle rule violation: एनडीटीवी पर प्रसारित खबर का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. जिला प्रशासन ने अवैध रूप से वाहनों पर बत्ती और सायरन लगाने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है. इसी कड़ी में बुधवार को जिला कोषालय अधिकारी (DTO) विनोद श्रीवास्तव की निजी गाड़ी से लाल बत्ती हटाई गई, जिससे कलेक्टर कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया.
कलेक्टर कार्यालय की पार्किंग में कार्रवाई
एसडीएम, तहसीलदार और आरटीओ विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कोषालय अधिकारी की गाड़ी पर नियमों के विरुद्ध लाल बत्ती लगी हुई थी. टीम ने बिना देर किए कलेक्टर कार्यालय की पार्किंग में खड़ी गाड़ी से बत्ती हटवा दी.
अधिकारी की सफाई: मुझे मिसगाइड किया गया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कोषालय अधिकारी विनोद श्रीवास्तव ने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि मुझे नियमों की सही जानकारी नहीं थी. किसी ने गलत जानकारी देकर मुझे मिसगाइड किया था, इसी वजह से गाड़ी पर बत्ती लगवा ली.
नियम स्पष्ट, प्रशासन सख्त
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि केवल निर्धारित संवैधानिक पदों पर आसीन अधिकारी ही विशेष परिस्थितियों में सांकेतिक बत्ती का उपयोग कर सकते हैं. जिला कोषालय अधिकारी का पद इस श्रेणी में शामिल नहीं है. आरटीओ विभाग के अनुसार यह कार्रवाई वीआईपी कल्चर पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे नियमित जांच अभियान का हिस्सा है.