Madhya Pradesh News: नरसिंहपुर वन विभाग की टीम ने गश्त करते हुए सरकारी एंबुलेंस को सागौन की लकड़ी की तस्करी करते हुए धर दबोचा. यह एंबुलेंस धमना के सरकारी अस्पताल के लोकेशन पर थी, लेकिन यह कैसे इस अवैध काम में लिप्त थी, यह समझ से परे है. गुरुवार को वन विभाग को सूचना मिली कि एक 108 एंबुलेंस सागौन की लकड़ी की तस्करी कर रही है. इसके बाद विभाग ने अपनी टीम लगाकर इसे घेर कर पकड़ लिया. एंबुलेंस में बड़ी-बड़ी सागौन की दस सिल्लियां पाई गईं.
मरीज को नहीं मिली एंबुलेंस
बता दें कि करेली सरकारी अस्पताल में एक सप्ताह पहले दिव्यांग मरीज को रेफर करने के लिए 108 एंबुलेंस नसीब नहीं हो सकी. ड्यूटी डॉक्टर के प्रयास के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके बाद बमुश्किल दूसरे दिन करीब चौबीस घंटे बाद मरीज को तहसील अस्पताल से महज 15 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल भेजा गया.
कॉल सेंटर की निगरानी
कॉल सेंटर से इवेंट मिलने के बाद ही 108 एम्बुलेंस के पहिए चलते हैं, लेकिन इस मामले में एंबुलेंस कैसे जंगलों में चली गई और किसकी शह पर यह सागौन की बेशकीमती लकड़ियां तस्करी की जा रही थी, यह सवाल अभी भी अनसुलझा है.
एंबुलेंस कंपनी की कार्रवाई
एंबुलेंस कंपनी जय मां अम्बे इमरजेंसी सर्विस भोपाल ने एंबुलेंस ड्राइवर को अलग कर दिया है, लेकिन अभी भी कई सवाल इस मामले को लेकर खड़े हैं. वन विभाग इस मामले में कार्रवाई की बात तो कह रहा है, लेकिन अभी भी वह इन लकड़ियों का बाजार मूल्य नहीं बता पा रहा है. वहीं कई ऐसे अनसुलझे सवाल हैं जिनके जवाब विभाग के पास नहीं हैं.
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