नर्मदा में डूबे दो युवकों की मौत, होली खेलने के बाद नहाने पहुंचे थे दोनों 

नरसिंहपुर के बरमान रेत घाट पर होली के बाद नहाने पहुंचे दो युवकों की नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई. स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन देर होने के कारण जान नहीं बच सकी.

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Narmada River Drowning: नरसिंहपुर जिले के बरमान रेत घाट पर होली के बाद नहाने पहुंचे दो युवकों की नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद घाट और शहर में शोक का माहौल है. स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन देर हो जाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी. प्रशासनिक तैयारियों की कमी भी इस हादसे के दौरान साफ नजर आई.

हादसा कैसे हुआ? 

होली खेलने के बाद दोनों युवक नहाने के लिए बरमान के रेत घाट पहुंचे. नहाते-नहाते वे अचानक गहरे पानी की तरफ चले गए और डूबने लगे. आसपास मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, दोनों पानी में समा चुके थे. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश शुरू कर दी.

रेस्क्यू में स्थानीय गोताखोरों की भूमिका

घटना की सूचना पर स्थानीय गोताखोर तुरंत सक्रिय हुए. काफी कोशिशों के बाद दोनों युवकों को नदी से निकाला गया. परिजन रो-रोकर बेहाल थे और अस्पताल तक ले जाने की भागदौड़ भी उन्हें ही करनी पड़ी. हालांकि डूबे हुए काफी समय गुजर चुका था, इसलिए बचाव की संभावना बहुत कम रह गई.

व्यवस्थाओं पर सवाल

दोनों युवकों का संबंध नरसिंहपुर की सिंधी कॉलोनी से बताया गया. दुखद खबर मिलते ही कॉलोनी और आसपास के इलाकों में मातम पसर गया. परिजन और परिचित बड़ी संख्या में अस्पताल और घाट की ओर जुटे और हर कोई घटना से स्तब्ध दिखाई दिया. घाट पर हादसे के वक्त प्रशासनिक स्तर पर खास इंतज़ाम नजर नहीं आए. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी माना कि ऐसे मामलों में वे मुख्यत: स्थानीय गोताखोरों पर निर्भर रहते हैं. गोताखोरों का कहना है कि वे हर सीजन कई लोगों की जान बचाते हैं, फिर भी उन्हें प्रशिक्षण, उपकरण या किसी तरह की प्रशासनिक मदद नहीं मिलती.

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सावधानी क्यों जरूरी है?

बरमान जैसे लोकप्रिय घाटों पर त्योहारों के बाद भीड़ बढ़ जाती है और हादसों का खतरा भी. ऐसे में तैरना न जानने वालों का गहरे पानी में जाना, फिसलन, या तेज़ धारा खतरनाक साबित हो सकती है. घाटों पर स्पष्ट चेतावनी, सीमांकन, लाइफ जैकेट/रिंग और त्वरित रेस्क्यू टीम की मौजूदगी से हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है.