Nag Nagin: नाग-नागिन के जोड़े को पकड़ना पड़ गया भारी, बांस की टोकरी से मिली आजादी

Nag Nagin News: नाग-नागिन के जोड़ों को कैद करना किसी पाप से कम नहीं है. सपेरों के एक समूह को सांपों को पकड़ना और उनका लोगों के बीच में प्रदर्शन करना भारी पड़ गया. वन विभाग ने सभी आरोपियों को पकड़कर कार्रवाई की है. जानें क्या था पूरा मामला.

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Nag Nagin: नाग-नागिन के जोड़े को पकड़ना पड़ गया भारी, बांस की टोकरी से मिली आजादी.

Nag-Nagin Snake News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में नाग-नागिन (Nag Nagin) के जोड़ों समेत अन्य दुर्लभ प्रजातियों के सांपों को पकड़ना सपेरों को भारी पड़ गया. मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल एलएल उइके के निर्देश पर वन मंडल अधिकारियों ने कार्रवाई की. दक्षिण शहडोल श्रद्धा पन्द्रे, उप मुख्य वन मंडला अधिकारी जैतपुर और गौरव जैन ने ये एक्शन मुखबिर की सूचना पर के आधार पर लिया.

बुढ़ार अंतर्गत नगर परिषद क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने कुछ सपेरों के होने की खबर मिली थी.आरोपी सपेरा कई तरह के नाग, नागिन और दोमुंहा सांप अपनी बांस के टोकरी में रखा हुआ था. टीम ने संबंधित आरोपी को पकड़ कर वैधानिक कार्रवाई की है. जांच के बाद बांस की टोकरी से इन वन्य जीवों को आजादी दिला दी गई.

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ये सब मिला

मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल उइके ने बताया कि इन आरोपियों में रवीन्द्रनाथ, संजय नाथ, शिवा नाथ और रहीस नाथ सभी भिंड के रहने वाले हैं. ये रेलवे स्टेशन के पास ईरानी मोहल्ला में अस्थायी निवास कर रहे हैं. इनके निवास डेरा से डॉग स्क्वायट के मदद से सर्च कर एक जीवित नाग सर्प जब्त किया गया. आरोपी प्रतिबंधित वन्य जीव सर्प 7, जिसमें एक नग दो मुंह वाला, जो विलुप्त प्रजाती का है, उन्हें बंदी बनाकर प्रदर्शन करते समय जब्त किया गया.

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मेडिकल जांच के बाद जंगल में छोड़ा

सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर 10 सितंबर को मेडिकल परीक्षण उपरांत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बुढ़ार के समक्ष प्रस्तुत किया गया. इन्हें रिमांड पर लेकर उप जेल बुढ़ार न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया. आरोपी भिंड जिले के मूल निवासी हैं और यह घुमक्कड़ समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. प्रकरण में जब्त 7 नग बंदी जीवित सर्पों को मेडिकल परीक्षण के उपरांत वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया.

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