MP Weather: मध्य प्रदेश उमरिया जिले में बुधवार तड़के मौसम (MP ka Musam) ने अचानक करवट ले ली. तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी. जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों से परिवहन के लिए ट्रकों में लोड किए गए करोड़ों रुपये के धान भीग गए. इससे किसानों और प्रशासन दोनों के लिए भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है. जानकारी के अनुसार, जिले में बीते कई दिनों से धान परिवहन में लगातार देरी हो रही थी, जिसके चलते ट्रक खुले में ही खड़े थे.
बारिश से कीमतों में पड़ेगा असर
इस दौरान सुबह अचानक हुई तेज बारिश से ट्रकों में लोड की गई धान की बोरियां पूरी तरह भीग गईं. किसानों का कहना है कि समय पर परिवहन न होने से पहले ही परेशानी थी, अब बारिश ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. भीगे हुए धान की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जिससे मंडियों में इसकी कीमतें भी प्रभावित होने की आशंका है.
राजस्व मंत्री ने दिए ये निर्देश
इस बीच मध्यप्रदेश में असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर राजस्व मंत्री करण वर्मा ने NDTV से बात करते हुए कहा कि सभी जिलों के कलेक्टरों को तत्काल स्थिति का आकलन करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जहां भी नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री वर्मा ने बताया कि सरकार ने RBC 4 के तहत राहत राशि का प्रावधान किया है.
- 50% से ज्यादा नुकसान पर 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर
- 50% से कम होने पर 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर
- और 25 से 33% तक नुकसान पर 9,500 रुपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जाएगी.
अचानक हुई बारिश से धान भीगने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन कितनी गंभीरता से काम कर रहा है. फिलहाल किसान नुकसान के आकलन और सरकारी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
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