मैं पीछे की कुर्सी पर बैठा था कि अचानक... नए CM मोहन यादव ने बताया विधायक दल की बैठक में क्या हुआ

मोहन यादव 58 साल के हैं. उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है. उनकी पत्नी का नाम सीमा यादव है. उनके 2 पुत्र और 1 पुत्री है. वह साल 2013 में पहली बार धायक बने. जिसके बाद साल 2018 में पार्टी ने उनपर भरोसा जताते हुए फिर से चुनाव में खड़ा कया और वह फिर से जीत गए. साल 2020 में जब BJP की सरकार आई तो मोहन यादव फिर से मंत्री बने.

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मैं पीछे की कुर्सी पर बैठा था कि अचानक... नए CM मोहन यादव ने बताया विधायक दल की बैठक में क्या हुआ

MP New CM Mohan Yadav: सियासी हलचल के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में उज्जैन दक्षिण से जीत हासिल करने वाले मोहन यादव (Mohan Yadav) MP के नए CM बन गए हैं. विधायक दल की बैठक के बाद नए  मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की. मीडिया से मुखातिब होते हुए CM यादव ने मध्य प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया. CM यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का तंत्र ही ऐसा है... जहां पर छोटे से छोटे कार्यकर्ता को बड़ी से बड़ी जवाबदारी का मौका मिलता है. हमें पार्टी में यही सिखाया जाता है कि जो भी काम दिया जाए उसे हम सहजता के साथ लेते हैं. इसके बाद CM ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया...साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) का भी आभार जताया. 

मैं पीछे की कुर्सी पर बैठा था, अचानक मेरे नाम की घोषणा हुई..

उन्होंने बताया, "आज विधायक दल की बैठक में मैं आकस्मिक रूप से सहज रूप से पीछे की पंक्ति में बैठकर अपना काम कर रहा था. अचानक से वहां पर मेरे नाम की घोषणा हुई...मैं सभी का दिल से आभार मानता हूं. ये पूरे प्रदेश की जनता और भारतीय जनता पार्टी कि विश्वास है." इस दौरान जब एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेगी? तो इस सवाल के जवाब में CM मोहन ने कहा, "निश्चित रूप से विकास के काम को आगे बढ़ाऊंगा और प्रधानमंत्री जी के काम को आगे बढ़ाऊंगा." साथ ही उन्होंने बाबा महाकाल की कृपा के लिए भी आभार जताया.

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जानिए मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में 

जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा चुनाव में उन्होंने तीसरी बार उज्जैन दक्षिण सीट से जीत दर्ज की है. निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार चेतन प्रेमनारायण यादव (Chetan Premnarayan Yadav) को 12941 वोटों से हराया था. मोहन यादव को जहां 95699 वोट मिले थे तो वहीं चेतन प्रेमनारायण यादव को 82758 वोट मिले थे. वह साल 2013 में पहली बार विधायक बने थे. वे RSS के बेहद करीब बताए जाते हैं. मोहन यादव 58 साल के हैं. उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है. उनकी पत्नी का नाम सीमा यादव है. उनके 2 पुत्र और 1 पुत्री है. वह साल 2013 में पहली बार धायक बने. जिसके बाद साल 2018 में पार्टी ने उनपर भरोसा जताते हुए फिर से चुनाव में खड़ा कया और वह फिर से जीत गए. साल 2020 में जब BJP की सरकार आई तो मोहन यादव फिर से मंत्री बने. मोहन यादव की छवि हिंदुवादी नेता के रूप में रही है. मोहन यादव ने पीएचडी भी किया है. साथ ही उन्होंने MBA और LLB भी किया हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक, वह कारोबार और कृषि क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं. 

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