Amita Singh Tomar: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में 2021 के बाढ़ राहत घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है. “कौन बनेगा करोड़पति” में 50 लाख रुपये जीतकर चर्चित हुईं तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बड़ौदा थाना पुलिस ने ग्वालियर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें श्योपुर लाई, जहां अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में महिला जेल शिवपुरी भेज दिया गया. गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया था.
2.5 करोड़ के राहत घोटाले का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए जारी राहत राशि में भारी गड़बड़ी की गई. आरोप है कि करीब ढाई करोड़ रुपये फर्जी और अपात्र लोगों के खातों में ट्रांसफर किए गए, जबकि असली पीड़ितों को राहत नहीं मिली. इस मामले में 25 पटवारी समेत 100 से ज्यादा लोगों की संलिप्तता सामने आई है.
रिश्तेदारों के खातों में पहुंची रकम
पुलिस के अनुसार, घोटाले को अंजाम देने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. आरोप है कि राहत राशि आरोपी के परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में डाली गई. अमिता सिंह तोमर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिकाएं लगाईं, लेकिन दोनों जगह से उन्हें राहत नहीं मिली. इसके बाद वे फरार चल रही थीं.

amita singh tomar arrested sheopur flood relief-scam
14 साल की नौकरी में 25 तबादले, पीएम को लिखा था पत्र
अमिता सिंह तोमर की सर्विस भी काफी चर्चा में रही है. करीब 14 साल की नौकरी में उनके 25 तबादले हो चुके हैं. हाल ही में ब्यावरा से करीब 800 किमी दूर सीधी तबादला होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था.
इसके साथ ही उन्होंने उस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट कर न्याय की गुहार लगाई थी. उनका कहना था कि उन्होंने ग्वालियर और शिवपुरी में पोस्टिंग के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें सीधी भेज दिया गया, जहां सीधी रेल सुविधा भी नहीं है.

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करियर और परिवार की जानकारी
अमिता सिंह तोमर ने साल 2003 में नायब तहसीलदार के रूप में करियर शुरू किया था और 2011 में प्रमोट होकर तहसीलदार बनीं. उनके पति ग्वालियर में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं, जबकि उनकी बेटी डॉ. अदिति सिंह देवास में महिला सशक्तिकरण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं.
श्योपुर के एसपी सुधीर अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है. पूछताछ में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आ सकती है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां संभव हैं. गौरतलब है कि अमिता KBC में 5 करोड़ रुपये के सवाल तक पहुंची थीं, लेकिन एक गलत जवाब के कारण वे 2011 में 50 लाख रुपये ही जीत पाईं थीं.
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