Madhya Pradesh News : नगर निगम ग्वालियर (Municipal Corporation Gwalior) द्वारा शहर की विभिन्न मल्टी (Multi Story Building) एवं हाई राइज बिल्डिंग (High Rise Building), म.प्र. सरकार व भारत सरकार के समस्त भवन व संस्थान को लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के लिए अब विधिवत अनुमति लेना होगी. निर्णय नगर निगम के अनुसार बिना अनुमति के इनके संचालन पर अब थाने (Police Station) में आपराधिक केस (Criminal Case) दर्ज कराया जाएगा.
नगर निगम की ओर से क्या कहा गया?
नगर निगम के उपायुक्त डॉ अतिबल सिंह यादव ने बताया कि नगर निगम आयुक्त (Municipal Corporation Commissioner) हर्ष सिंह के निर्देशानुसार निगम सीमा के अंतर्गत किसी भी शासकीय अशासकीय संस्थान अथवा भवन में लिफ्ट या एस्केलेटर (Lift, Elevator or Escalator) लगाने के लिए विधिवत अनुमति लेना होगी. ऐसा नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं यदि इस स्थिति में किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना होती है, तो अपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया जाएगा. वहीं पहले से संचालित लिफ्ट या एस्केलेटर की ऑडिट नगर निगम के लिफ्ट इंजीनियर से करनी होगी.
ऑडिट दल करेगा जांच
नगर निगम द्वारा शहर में स्थित किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक एवं निजी गतिविधि वाली बिल्डिंग (Government or Private Building), ऑफिस (Office), हॉस्पिटल (Hospital), नर्सिंग होम, उत्पादन विभाग, शिक्षक भवन (Educational Buildings), भंडारण तथा गोदाम आदि में लगने वाली लिफ्ट एवं एस्केलेटर की अनुमति व उनकी ऑडिट जांच दल द्वारा की जाएगी. सुनिश्चित अधिकारी द्वारा प्रत्येक इकाई का विशिष्ट पंजीयन किया जाएगा. शहर के प्रत्येक भवन स्वामी, लिफ्ट इंजीनियर से विधिवत हस्ताक्षरित 6 मासिक अवधि सुरक्षा और परीक्षण रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे, यदि कोई दुर्घटना होती है तो तत्काल 24 घंटे के अंदर दुर्घटना का पूर्ण विवरण सहित भवन स्वामी को संबंधित अधिकारी को देना होगा.
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