मेडिकल जांच के लिए 6 घंटे भटकती रही रेप पीड़िता, भिंड जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही

भिंड जिला अस्पताल में ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टर के फोन न उठाने से दुष्कर्म पीड़िता 6 घंटे तक भटकती रही. कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद सुबह मेडिकल हो सका, जिसके बाद सिविल सर्जन ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर दिया है.

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मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल से एक बेहद संवेदनहीन तस्वीर सामने आई है. यहां एक दुष्कर्म पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए रातभर अस्पताल में इंतजार करना पड़ा. इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर द्वारा फोन न उठाने के कारण पीड़िता का मेडिकल टेस्ट करीब 6 से साढ़े 6 घंटे की देरी से हो सका. मामला कलेक्टर तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. सिविल सर्जन ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेते हुई आरोपी डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है. 

रातभर भटकती रही पीड़िता, डॉक्टर ने नहीं उठाया फोन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरपुरा थाना पुलिस की एक महिला आरक्षक रात करीब 1:30 बजे दुष्कर्म पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी. आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने ऑन-ड्यूटी डॉक्टर को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. इस संवेदनहीनता के कारण पीड़िता पूरी रात अस्पताल के चक्कर काटती रही और परेशान होती रही. जब इस मामले की शिकायत सीधे कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना तक पहुंची, तब जाकर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और सुबह करीब 7:30 बजे पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा सका.

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सिविल सर्जन ने थमाया नोटिस, डॉक्टर ने दी यह दलील

मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ.आर.के.मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. रश्मि गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर ने कॉल रिसीव न करने के पीछे अपनी तबीयत खराब होने की दलील दी है. हालांकि, सिविल सर्जन ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और सख्त लहजे में स्पष्टीकरण मांगा है.
इस बड़ी लापरवाही के बाद सिविल सर्जन डॉ.आर.के.मिश्रा ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी स्टाफ और नर्सिंग ऑफिसर्स के लिए एक नई गाइडलाइन जारी कर दी है. नए निर्देशों के तहत, यदि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर उपलब्ध न हो या फोन रिसीव न करे, तो स्टाफ तत्काल इसकी सूचना आरएमओ (रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर) या सीधे सिविल सर्जन को देगा. प्रशासन का कहना है कि भविष्य में किसी भी पीड़ित को मेडिकल जांच के लिए इस तरह का इंतजार न करना पड़े, इसके लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था बेहद जरूरी थी.

चलती कार में वारदात और पुलिस की कार्रवाई

मिली जानकारी के मुताबिक सुरपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने अपने ही दोस्त सुमित यादव पर चलती कार में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है. पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे उसकी बुआ के घर छोड़ने का झांसा देकर कार में ले गया था और रास्ते में इस वारदात को अंजाम दिया. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देकर चलती कार से नीचे फेंक दिया गया. दोनों पूर्व में अहमदाबाद के एक पार्लर में साथ काम करते थे. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है.
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