Gehu Kharidi: MP के किसान इतने तारीख तक कर सकेंगे गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन, यहां जानें रेट और डिटेल्स

MP Gehu Kharidi 2025: गेहूं खरीदी के लिए मध्य प्रदेश में 4000 उपार्जन केन्द्र बनाये जाएंगे. हालांकि पिछले साल मध्य प्रदेश में 3800 उपार्जन केन्द्र बनाये गये थे.

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Gehu Kharidi 2025 in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है. दरअसल, मध्य प्रदेश में किसान गेहूं उपार्जन के लिए घर बैठे 31 मार्च, 2025 तक पंजीयन करा सकते हैं. वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये घोषित किया गया है, जो पिछले साल से 150 रुपये अधिक है. वहीं अब तक प्रदेश में 28 हजार 677 किसानों ने पंजीयन करा लिया है. 

गेहूं खरीदी के लिए ऑनलाइन पंजीयन 20 जनवरी, 2025 से शुरू हो चुका है और यह 31 मार्च, 2025 तक जारी रहेगा.

गेहूं खरीदी के लिए 4000 उपार्जन केन्द्र बनाये जाएंगे. हालांकि पिछले साल मध्य प्रदेश में 3800 उपार्जन केन्द्र बनाये गये थे.

मध्य प्रदेश में 28677 किसानों ने कराया पंजीयन

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की बिक्री के लिए मध्य प्रदेश के सीहोर में 6122 किसानों ने पंजीयन कराया है. इसके अलावा  उज्जैन में 5196, इंदोर में 4580, देवास में 2309, धार में 2286 किसानों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया. इधर, शाजापुर में 1786, रतलाम में 1147, नर्मदापुरम 730, विदिशा 684, रायसेन 650, भोपाल में 609, राजगढ़ में 451, आगर मालवा में 244, बैतूल में 224, झाबुआ में 210, टीकमगढ़ में 179, मंदसौर में 158, खंडवा में 151, मंडला में 141, खरगौन में 127, नीमच में 91, हरदा में 102 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. 

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में 86, छतरपुर में 82, मुरैना में 59, सागर में 37, शहडोल में 35, दतिया में 32, निवाड़ी में 29, छिंदवाड़ा में 28, सीधी में 24, सिंगरौली में 19, श्योपुर में 11, बड़वानी और रीवा में 9, सिवनी में 7, उमरिया में 6, अनूपपुर और अशोक नगर में 5, अलीराजपुर और ग्वालियर में 4, दमोह में 3, बुरहानपुर और डिण्डोरी में 2, सतना और पन्ना में 1 किसान ने अब तक पंजीयन कराया है.

MP के किसान घर बैठे गेहूं उपार्जन के करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

मध्य प्रदेश के किसान गेहूं उपार्जन के लिए घर बैठे मोबाइल से पंजीयन कर सकेंगे. पंजीयन एमपी किसान ऐप के माध्यम से करना होगा. इसके अलावा किसान निःशुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा स्थापित सुविधा केंद्र पर पंजीयन करा सकेंगे. 

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कैसे किसानों कर सकेंगे गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन?

1. पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है. इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए शुल्क राशि कलेक्टर द्वारा जारीकिया जाएगा. 

2. पंजीयन के लिए किसान को भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान अपने साथ रखना अनिवार्य होगा.

3. सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी. इस श्रेणी के किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा.

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4. समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा.

5. किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने के बाद किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा.

6. पंजीयन के दौरान किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी.

7. पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा. वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जाएगा.

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8. किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा.

9. भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा. सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा.

10. किसान के आधार लिंक बैंक खाते से सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही 1 रुपये का ट्रांजेक्शन मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा.

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