मध्य प्रदेश के बिजली विभाग में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी और खुशखबरी भरी खबर आई है. राज्य सरकार ने पावर कंपनियों में खाली पड़े पदों पर संविदा कर्मचारियों को पक्का यानी नियमित करने का फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 6 हजार संविदा कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा और वे नियमित कर्मचारी बन सकेंगे. ऊर्जा विभाग ने इस प्रक्रिया को 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है.
कैसे होंगे पक्के? देना होगा 100 नंबर का टेस्ट
संविदा से नियमित कर्मचारी बनने के लिए कर्मचारियों को एक विभागीय ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी. यह परीक्षा कुल 100 नंबरों की होगी. पास होने के लिए सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को कम से कम 50% यानी 50 नंबर लाना जरूरी होगा. वहीं एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों के लिए कटऑफ 40 नंबर रखा गया है.
पुराने अनुभव के मिलेंगे 30 बोनस नंबर
जो कर्मचारी जितने सालों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें परीक्षा में उतने बोनस नंबरों का फायदा मिलेगा. सरकार ने तय किया है कि अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 बोनस नंबर दिए जाएंगे. पहले 2 साल के अनुभव पर 10 नंबर मिलेंगे और उसके बाद हर एक साल के अनुभव के लिए 2-2 नंबर जुड़ते जाएंगे. लिखित परीक्षा में मिले नंबर और अनुभव के बोनस नंबरों को जोड़कर ही फाइनल मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी.
जबलपुर की पूर्व क्षेत्र कंपनी कराएगी परीक्षा
इस पूरी भर्ती परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी जबलपुर स्थित पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दी गई है. वही बाहरी एजेंसी के जरिए परीक्षा का आयोजन कराएगी. इस योजना में केवल वही संविदा कर्मचारी हिस्सा ले सकेंगे, जिन्होंने कम से कम 2 साल की सेवा पूरी कर ली है. म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी को छोड़कर बाकी सभी बिजली कंपनियों के पात्र कर्मचारी इसमें शामिल हो सकेंगे.
31 अक्टूबर तक निपटानी होगी पूरी प्रक्रिया
ऊर्जा विभाग ने साफ कर दिया है कि यह मौका केवल एक बार के लिए दिया जा रहा है. सभी बिजली कंपनियों को 31 अक्टूबर तक परीक्षा कराकर, रिजल्ट निकालकर और पूरी चयन प्रक्रिया निपटाकर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी. नियमित होने के बाद कर्मचारियों को अपना पुराना संविदा पद छोड़ना होगा और उन्हें नियमित कर्मचारियों वाला पूरा वेतन और अन्य सभी सरकारी सुविधाएं मिलने लगेंगी.
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