Madhya Pradesh SIR News: SIR को लेकर देशभर की राजनीति में घमासान छिड़ा हुआ है. राजनीतिक पार्टी इसे विपक्ष का वोट काटने का साजिश बता रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के मंदसौर में एसआईआर (SIR) एक परिवार के वरदान साबित हुआ. दरअसल, यहां एसआईआर की वजह से 22 वर्षों से लापता बेटा अपनी मां से दोबारा मिल गया.
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षों से लापता बेटा अपनी मां से दोबारा मिल गया है. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका निभाई भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) अभियान ने, जिसका मकसद चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट और दुरुस्त करना बता रहा है.
मध्य प्रदेश: मंदसौर में SIR अभियान एक परिवार के लिए बना वरदान
Photo Credit: manish purohit
SIR ने बिछड़े परिवार को मिलाया
बताया जा रहा है कि लापता युवक की पहचान विनोद पिता बालूराम गायरी (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मंदसौर के ढाकरिया मोहल्ला, खिलचीपुर का निवासी है. वर्षों पहले घर से अचानक लापता हुए विनोद को परिजन ढूंढते-ढूंढते थक चुके थे और हालात ऐसे बने कि परिवार ने 2012 में उसे मृत मान लिया था. मगर किस्मत ने एक बार फिर करवट ली और SIR अभियान ने इस बिछड़े परिवार को फिर जोड़ दिया.
SIR के दौरान EPIC नंबर ने खोला पुराना राज
जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग के SIR अभियान के अंतर्गत विनोद ने मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने/अपडेट करवाने के लिए ग्राम पंचायत से अपने माता-पिता का EPIC नंबर मांगा. यही छोटी-सी जानकारी बाद में पूरे मामले का सबसे बड़ा सुराग बन गई. जब पंचायत के माध्यम से EPIC नंबर मांगे जाने की बात विनोद की मां तक पहुंची, तो वह चौंक गईं. मां ने तत्काल थाना नई आबादी, मंदसौर में आवेदन देकर बेटे के जीवित होने की संभावना जताई. इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की और युवक की तलाश को तेज कर दिया.
2003 में घर से गायब हुआ था विनोद
विनोद ने बताया कि वह 22 साल पहले 2003 में घर से चला गया था. अब इतने वर्षों बाद पुलिस की मदद से अपने परिवार से मिलकर वह भावुक हो गया. परिवार से मिलने के बाद विनोद ने कहा कि मैं 22 साल पहले यहां से चला गया था. अब पुलिस के माध्यम से अपने परिवार से मिला हूं, अच्छा लग रहा है.
मिलकर भावुक हुए लोग
22 साल बाद मां-बेटे की यह मुलाकात परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी. मां-बेटे का मिलन देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए. इस मौके पर परिजनों ने कहा कि बरसों ढूंढा, फिर मान लिया था कि अब नहीं रहा. परिजन राधेश्याम ने बताया कि विनोद 2003 में अचानक चला गया था. इसके बाद परिवार ने उसे जगह-जगह तलाश किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. उन्होंने कहा कि हमने बरसों उसे ढूंढा लेकिन नहीं मिला. एक समय ऐसा आ गया कि हम मान बैठे कि वह अब नहीं रहा. फिर SIR के कारण उसने EPIC की जानकारी ली और सुरेश परमार से पता चला. उसके बाद पुलिस की मदद से आज हमारा भाई वापस मिल गया. परिवार के अनुसार, विनोद राजस्थान के नागौर जिले के जसनगर क्षेत्र में मिला.
पुलिस का बयान: प्रेम विवाह के चलते घर से चला गया था युवक
मंदसौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टीएस बघेल ने बताया कि यह मामला SIR अभियान के कारण ही सामने आया. पुलिस के अनुसार, विनोद किसी कारणवश (संभावित रूप से प्रेम विवाह के चलते) परिवार को बिना बताए घर छोड़कर चला गया था. इस संबंध में ASP टी.एस. बघेल ने कहा कि SIR के कारण एक परिवार का मिलन हुआ है. विनोद 22 साल पहले खिलचीपुर का रहने वाला था और बिना बताए कहीं चला गया. परिवार वालों ने बहुत तलाश की, लेकिन नहीं मिला. बाद में पता चला कि उसने राजस्थान के नागौर में वोटर आईडी अपडेट कराने के लिए पंचायत से अपने माता-पिता की EPIC ID मांगी. जानकारी मिलने पर मां ने नई आबादी थाने में आवेदन दिया. ID अपडेट होते ही पुलिस ने उसे खोज निकाला और परिवार का मिलन कराया.
यह भी पढ़ें- Dog Justice: नाग ने डॉगी को डसकर मार डाला, बेजुबान के बच्चों ने जब लिया बदला, तो नागिन हुई बेकाबू
इस पूरे मामले ने यह साबित कर दिया कि सरकारी प्रक्रियाएं और अभियान केवल दस्तावेज़ सुधारने तक सीमित नहीं होते, बल्कि कई बार वे लापता लोगों की पहचान, परिवारों के पुनर्मिलन, और समाज में उम्मीद का कारण भी बन जाते हैं. इसी कड़ी में SIR अभियान के चलते मतदाता सूची की जांच में एक व्यक्ति का नाम जोड़ने की प्रक्रिया ने ऐसा सुराग दिया, जिसने 22 वर्षों से टूटे एक परिवार को फिर से जोड़ दिया.
यह भी पढ़ें- ड्रोन से नजर, वज्र वाहन से अनाउंसमेंट और बाइकों पर एंटी डोर प्रोटेक्टर...ये सब चाइनीज मांझे से बचाने के लिए