फिर खुली सिस्टम के दावों की पोल! एंबुलेंस ने गांव में आने से किया इनकार, तो गर्भवती को खाट पर ले गए अस्पताल

Mauganj News: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस की बजाय खाट पर अस्पताल तक ले जाना पड़ा, क्योंकि एंबुलेंस ड्राइवर ने गांव में सड़क न होने का हवाला देकर घुसने से इनकार कर दिया.

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विकास: दावों की हकीकत...
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MP News: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के कोन गांव से सिस्टम के दावों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं. यहां एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा उठने पर एंबुलेंस की बजाय खाट पर अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा. वजह? सड़क न होने का हवाला देकर 108 एंबुलेंस ड्राइवर ने गांव में घुसने से इनकार कर दिया. 

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता वर्षा साकेत को जब अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई, तो परिजनों ने फौरन 108 एंबुलेंस को फोन किया. एंबुलेंस देर से तो पहुंची ही, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नीचे लाने से साफ मना कर दिया. उसने कहा – “सड़क नहीं है, ये आपकी समस्या है.” मजबूरन, परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से एक खाट निकाली और महिला को लगभग दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक लादकर ले गए. 

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क्या बोले पीड़ित? 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बनी. बरसात में हालात और बदतर हो जाते हैं. बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, बीमारों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है. कई बार शिकायतें की गईं, नेताओं से गुहार लगाई गई, लेकिन सब बेअसर. 

पूर्व विधायक ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और तंत्र की असफलता माना. वहीं, जब इस मामले पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से बात की गई, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. 

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