मैहर: ग्रामीणों ने रोका CM Shivraj Singh Chouhan का काफिला, वादा पूरा नहीं होने से थे नाराज

मैहर जनसभा को संबोधित कर जबलपुर लौटते समय घुनवारा (Ghunwara) में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोक कर ग्रामीणों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की.

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मैहर में अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने सीएम शिवराज के काफिले को रोका
मैहर:

मैहर (Maihar) मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का नया जिला बन गया है. वहीं जिला बनने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) 7 अक्टूबर को मैहर पहुंचे और मैहर देवी के दर्शन किए. उन्होंने यहां मां शारदा की पूजा-अर्चना की. इसके बाद सीएम शिवराज ने एक जनसभा को संबोधित किया. हालांकि जनसभा को संबोधित करने के बाद जबलपुर लौटते समय सीएम को ग्रामीणों से विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान मैहर (Maihar) के घुनवारा (Ghunwara) में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोक कर ग्रामीणों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की. 

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, साल 2015 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आयोजित अंत्योदय मेला के दौरान घुनवारा को उप तहसील बनाने और घुनवारा-बसौरा-पन्ना रोड निर्माण सहित आईटीआई कॉलेज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन 8 साल बीत जाने के बाद भी ये वादा पूरा नहीं हो सका. वहीं, घोषणाओं को पूरा नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया. हालांकि उस वक्त स्थानीय नेताओं ने काम जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बावजूद ये सिर्फ आश्वासन तक रह गया और आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी.

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 गांधी जयंती से अब तक अनशन पर बैठे ग्रमीण

इसके अलावा ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. जिससे नाराज ग्रामीणों ने गांधी जयंती के अवसर पर अनशन पर बैठ गए, लेकिन किसी भी अधिकारी  ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया, जिस कारण आक्रोशित ग्रामीणों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोक दिया और नारेबाजी की. इस दौरान ग्रामीणों ने सीएम को किए गए घोषणाओं को याद दिलाया. हालांकि ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर को जल्द से जल्द सर्वे कराने का निर्देश दिए हैं. साथ ही ग्रामीणों को उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया.

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कुछ दिन संचालन के बाद सिमटा कॉलेज

बता दें कि सीएम के घोषणा के बाद घुनवारा में आईटीआई कॉलेज की आधारशिला रखी गई थी और एक साल तक शैक्षणिक गतिविधि भी चलीं, लेकिन इसके बाद इसे मैहर में शिफ्ट कर दिया गया. बार-बार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया. ऐसे में अब ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करते हुए करीब 5 हजार मतदाता मतदान नहीं करने का ऐलान किया है.

नगर पंचायत बनाने की मांग

घुनवारा में विकास की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीण अब नगर परिषद की मांग भी कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि घुनवारा के आसपास की कुछ पंचायत को मिलाकर नई नगर परिषद का गठन किया जाए, ताकि विकास को गति मिले. 

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