Damoh News: अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका, 3 की हुई मौत 11 घायल

दमोह में मंगलवार दोपहर अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट (Blast in illegal firecracker factory) हो गया. इस हादसे में फैक्ट्री मालिक समेत तीन लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं.

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हादसे में गंभीर रूप से घायलों को जबलपुर रेफर किया गया है.

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के दमोह में मंगलवार दोपहर अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट (Blast in illegal firecracker factory) हो गया. इस हादसे में फैक्ट्री मालिक समेत तीन लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं. इसके अलावा फैक्ट्री में काम कर रहे 11 मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं. घायलों में शामिल 4 मरीज को इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है. इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. इस दौरान पुलिस प्रशासन (Damoh Police) के आला अधिकारी मौके पर मौजूद थे. बताया जा रहा कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से दमोह के बड़ा पुल क्षेत्र में संचालित हो रही है. फैक्ट्री मालिक के पास दूसरी जगह का लाइसेंस था, लेकिन वह फैक्ट्री को इस इलाके में संचालित कर रहा था.

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस ने प्रथम दृष्टया धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिस टीम छानबीन कर रही है. आगे की कार्रवाई विधिसम्मत की जाएगी. इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि जांच के लिए टीम को 15 दिन का समय दिया गया है. टीम हर एंगल से पूरे मामले की जांच करेगी, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने दी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री और दमोह के सांसद प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) ने हादसे पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "दमोह में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने से 3 लोगों की मौत व 10 से अधिक लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का दुःखद समाचार मिला. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं."

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एक कमरे में 10 लोग करते थे काम

हादसे में बारूद की चपेट में आने से फैक्ट्री मालिक अभय गुप्ता के शरीर का आधा हिस्सा चीथड़ों में तब्दील हो गया. वहीं घायलों की मानें तो फैक्ट्री के एक-एक कमरे में दस-दस लोग काम किया करते थे. इस पटाखा फैक्ट्री में सुतली बम बनाने का काम अधिकतर महिलाएं करती थीं. जिन्हें तीन से पांच हजार तक तनख्वाह मिलती थी. अस्पताल में भर्ती घायल बताते हैं कि अलग-अलग कई कमरों में महिलाएं काम करती थीं. अचानक ब्लास्ट के बाद पूरा मकान गिर गया, जिसमें कई महिलाएं दब गईं. जिस कमरे में ये सभी काम कर रहे थे, वहां रखे बारूद में ब्लास्ट हुआ जिसमें काम करने वाले गंभीर रूप से झुलस गए.

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