राम मंदिर के पोस्टर पर कांग्रेस को दिक्कत क्यों? - जयभान सिंह पवैया ने पार्टी पर उठाए गंभीर सवाल 

Madhya Pradesh Assembly Election 2023: कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहे जाने पर चुटकी लेते हुए पवैया ने कहा कि शिवराज ने कम शब्दों में बड़ी बात कही है और दोनों तरफ से जय-वीरू को लेकर जो चुटकियां ली जा रही है, तो मैं तो मानता हूं कि अटल बिहारी वाजपेई की नीति थी कि राजनीतिक में शुचिता के लिए इस तरह की चुटकी और विनोद होते रहना चाहिए जिससे कि माहौल ठीक रहे.

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राममंदिर के पोस्टर पर कांग्रेस को दिक्कत क्यों? भान सिंह पवैया ने पार्टी पर उठाए गंभीर सवाल

Madhya Pradesh Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हो रहे विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) के लिए चुनावी सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है. इस बीच पूर्व मंत्री और बजरंग दल (Bajrang Dal) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जय भान सिंह पवैया (Jai Bhan Singh Pawaiya) का बयान सामने आया हैं. जय भान सिंह पवैया ने निशाना साधते हुए कांग्रेस (Congress) पर छद्म राष्ट्रवाद का आरोप लगाया है. पवैया ने कहा, "कांग्रेस पार्टी एक तरफ़ तो हनुमान चालीसा पढ़कर तिलक लगाकर और मंदिर पर माथा टेककर सनातन परंपरा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है. तो वहीं, अयोध्या राम मंदिर के पोस्टर लगाने पर उनके नेता चुनाव आयोग में शिकायत करने पहुंच जाते हैं. इससे इनका असली चेहरा सामने आया है. वह हमारे देश में आतंकवादी संगठन से जुड़े लोगों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और सनातनी होने का दावा भी कर रहे हैं."

"देश इजरायल के साथ कांग्रेस हमास के साथ" 

फायरब्रांड नेता पवैया ने कहा है कि BJP अपना विकास और गरीब कल्याण लाड़ली बहना जैसी योजनाओं को लेकर लोगों के बीच जा रही है, लेकिन राजनीतिक पार्टी होने के नाते राम मंदिर भी हमारा बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा, "हमास जैसे आतंकवादी संगठन ने इजरायल के लोगों को जिस तरह मौत के घाट उतारा है उसको देखते हुए आज भारत की जो नीति है, हम हमास के विरोध में खड़े हैं, जबकि खरगोन में कांग्रेस उम्मीदवार ने आतंकवादी के लिए आंसू बहाकर श्रद्धांजलि दी है. मानवता को देखते हुए इजरायल के लोगों पर जुल्म करने वालों पर भारत सरकार की नीति स्पष्ट है."

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"राममंदिर पोस्टर पर कांग्रेस को दिक्कत क्यों"

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कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहे जाने पर चुटकी लेते हुए पवैया ने कहा कि शिवराज ने कम शब्दों में बड़ी बात कही है और दोनों तरफ से जय-वीरू को लेकर जो चुटकियां ली जा रही हैं, तो मैं तो मानता हूं कि अटल बिहारी वाजपेई की नीति थी कि राजनीतिक में शुचिता के लिए इस तरह की चुटकी और विनोद होते रहना चाहिए. जिससे कि माहौल ठीक रहे. वहीं उन्होंने महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण मामले को लेकर चल रहे तनाव पर कहा कि इस मामले को लेकर BJP और उनकी सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है. 

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