मां त्रिपुर सुंदरी का ऐसा अद्भुत रूप पहले नहीं देखा होगा! जन्माष्टमी पर कृष्ण स्वरूप ने मोहा मन

जन्माष्टमी 2026 पर झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में विराजमान राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी का भगवान श्रीकृष्ण स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया. मां के इस अलौकिक रूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नर्मदापुरम संभाग के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में विराजमान राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी का अलौकिक और मनमोहक श्रृंगार किया. इस विशेष अवसर पर मां का श्रृंगार भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में किया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. जैसे ही मंदिर के पट खुले, भक्तों की नजरें मां के इस दिव्य रूप पर ठहर गईं. जन्माष्टमी के पर्व पर शक्ति और भक्ति का यह अनूठा संगम देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंच रहे हैं और मां के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं.

श्रीकृष्ण स्वरूप में सजीं मां त्रिपुर सुंदरी

जन्माष्टमी के अवसर पर मां त्रिपुर सुंदरी का विशेष श्रृंगार भगवान श्रीकृष्ण के रूप में किया. आकर्षक वस्त्र, मनोहारी आभूषण और पारंपरिक सजावट में मां का स्वरूप अत्यंत दिव्य दिखाई दे रहा है. मां के इस रूप ने श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित किया और पूरे मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया.

Advertisement

झोतेश्वर आश्रम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

मां त्रिपुर सुंदरी के इस अद्भुत श्रृंगार के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का आश्रम पहुंचना शुरू हो गया. दूर-दूर से आए श्रद्धालु मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. जन्माष्टमी के कारण पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है.

शंकराचार्य की तपस्थली का विशेष महत्व

झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम को शंकराचार्य की तपस्थली के रूप में भी विशेष पहचान प्राप्त है. आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थान पर वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है, लेकिन जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर यहां का माहौल और अधिक भव्य एवं दिव्य हो जाता है.

मां त्रिपुर सुंदरी का यह सिद्धपीठ अपनी विशेष आध्यात्मिक परंपरा के लिए जाना जाता है. यहां मां त्रिपुर सुंदरी पंद्रह नित्याओं और चौसठ योगिनियों के साथ विराजमान हैं. यही कारण है कि इस मंदिर का धार्मिक और तांत्रिक साधना की दृष्टि से भी विशेष महत्व माना जाता है.

भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम

जन्माष्टमी पर मां त्रिपुर सुंदरी का श्रीकृष्ण स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. शक्ति और श्रीकृष्ण भक्ति के इस दुर्लभ संगम ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया है. मां के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं.

Advertisement