भोपाल नगर निगम में करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले का खुलासा, लोकायुक्त छापेमारी में जब्त हुए थे कंप्यूटर और फाइल

Fake E-Bill Scam: भोपाल नगर निगम में करोड़ों रुपए के फर्जी बिल घोटाले के खुलासे के बाद लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवितकर पर मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि वाहन मरम्मत और रंगाई के नाम पर भोपाल नगर निगम कार्यालय द्वारा फर्जी ई-बिल बनाकर भुगतान किया गया था.

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MULTI-CRORE SCAM EXPOSED IN BHOPAL MUNICIPAL CORPORATION RAID

Lokayukt Raid: राजधानी भोपाल में लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को भोपाल नगर निगम के दफ्तर में हुई छापेमारी में करोड़ों रुपए के फर्जी ई-बिल घोटाले का खुलासा हुआ है. लोकायुक्त टीम ने भोपाल नगर निगम दोनों कार्यालयों में एक साथ छापेमारी की और कार्यालय से कंप्यूटर और फाइलें जब्त की थी. लोकायुक्त टीम ने आर्थिक अनियमितताओं और फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के घोटाले की शिकायत के बाद छापमेारी की. 

भोपाल नगर निगम में करोड़ों रुपए के फर्जी बिल घोटाले के खुलासे के बाद लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवितकर पर मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि वाहन मरम्मत और रंगाई के नाम पर भोपाल नगर निगम कार्यालय द्वारा फर्जी ई-बिल बनाकर भुगतान किया गया था.

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शिकायत के बाद लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया

रिपोर्ट के मुताबिक SAP सॉफ्टवेयर के जरिए करोड़ों रुपए जारी किए जाने की शिकायत के बाद लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया. फर्जी ई-बिल के जरिए करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम देने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों की फर्मों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे. पूरे मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.

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कार्यालय से जब्त किए SAP सिस्टम की हार्ड डिस्क की पुलिस ने शुरू की जांच

गौरतलब है लोकायुक्त टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट लेकर नगर निगम के सर्वर सेंटर पर छापेमारी की कार्रवाई के बाद हुए करोड़ों रुपए के घोटाले के खुलासे के बाद आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है और कार्यालय से जब्त किए SAP सिस्टम की हार्ड डिस्क की जांच शुरू कर दी है. 

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जानकारी के अनुसार लोकायुक्त की टीम शुक्रवार 9 बजे कार्यालय खुलते ही छापेमारी की कार्रवाई शुरू की और अब नगर निगम कार्यालय के सर्वर से डेटा रिकवर कर रही है, ताकि फर्जी बिलों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूत जुटाए जा सकें. छापेमारी फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और लिंक रोड नंबर 2 पर स्थित मुख्य कार्यालय में एक साथ की गई.

पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है लोकायुक्त टीम

फिलहाल टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. जानकारी के अनुसार लोकायुक्त पुलिस की एक टीम सुबह लगभग 9:00 बजे से नगर निगम कार्यालय खुलते ही छापा मारा. इस प्रक्रिया के दौरान पिछले लगभग 10 वर्षों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

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