Advocate General: प्रशांत सिंह ही रहेंगे MP के महाधिवक्ता, नई सरकार में फिर मिली जिम्मेदारी

सामान्यत: ऐसी परंपरा रही है कि नई सरकार के गठन के साथ महाधिवक्ता भी बदल जाता है लेकिन प्रशांत सिंह की ओर से कोर्ट में सरकार के पक्ष को वजनदारी से रखने और अनेक जटिल मुकदमों में सरकार को जीत दिलाने की ख्याति के कारण एक बार फिर वह महाधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं.

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फाइल फोटो

Advocate General of Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता (Advocate General of MP) पद पर प्रशांत सिंह (Prashant Singh) नई सरकार के गठन के बाद भी रहेंगे. सोमवार को मध्य प्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग के सचिव उमेश पांडे ने राज्यपाल के आदेशानुसार यह पत्र जारी किया है. उल्लेखनीय है कि प्रशांत सिंह को पूर्व में 13 अक्टूबर, 2021 को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था. इससे पहले वह अतिरिक्त महाधिवक्ता पद की जिम्मेदारी संभाल चुके थे. 

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प्रशांत सिंह का सफर

प्रशांत सिंह ने 1992 में पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह के मार्गदर्शन में वकालत शुरू की थी. 1996 से वह स्वतंत्र वकालत कर रहे हैं. रिट, सिविल, क्रिमनल, टैक्स और संवैधानिक सभी तरह की वकालत में समान रूप से  महारत रखने के कारण वरिष्ठ अधिवक्ता नामांकित किए गए. प्रशांत सिंह अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाए गए लेकिन राष्ट्रीय सवयं सेवक संघ के संकल्प महाशिविर की जिम्मेदारी निभाने के कारण इस पद से इस्तीफा दे दिया. वह विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाते रहे हैं.

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नई सरकार में दोबारा मिली जिम्मेदारी

प्रशांत सिंह को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महाकौशल प्रांत का संघ चालक नियुक्त किया गया. सामान्यत: ऐसी परंपरा रही है कि नई सरकार के गठन के साथ महाधिवक्ता भी बदल जाता है लेकिन प्रशांत सिंह की ओर से कोर्ट में सरकार के पक्ष को वजनदारी से रखने और अनेक जटिल मुकदमों में सरकार को जीत दिलाने की ख्याति के कारण एक बार फिर वह महाधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं.