Bargi Dam Accident: जीवित बचे शख्स ने क्रूज को तोड़ने पर जताई आपत्ति, जांच प्रभावित होने का लगाया आरोप

Bargi Dam Accident Investigation: बरगी डैम में दुर्घटनाग्रस्त हुई क्रूज में कुल 42 लोग सवार थे. हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 28 लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए थे. राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित क्रूज नाव 30 अप्रैल को पलट गई थी. इस हादसे में मारी गई एक मां के साथ लिपटे उसके 4 वर्षीय बेटे की तस्वीर ने पूरे देश का दिल झकझोर गया.

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BARGI DAM SURVIVOR OBJECTS TO DISMANTLING CRUISE BOAT
जबलपुर:

Bargi Dam Survivor: जबलपुर जिले में बरगी डैम में हुए क्रूज नौका हादसे में जीवित बचे एक शख्स ने दुर्घटना की शिकार हुई नाव को तोड़ने पर आपत्ति जताई है. पीड़ित ने कहा है कि इससे उसकी बनावट और संरचना की जांच प्रभावित हुई है. हादसे में परिवार के 9 सदस्यों के साथ बचाने वाले पेशे से अधिवक्ता ने कहा कि डैम से निकाले जाने के समय नाव सही स्थिति में थी और उसके इंजन व बॉडी लाइन की जांच की जानी चाहिए थी.

बरगी डैम में दुर्घटनाग्रस्त हुई क्रूज में कुल 42 लोग सवार थे. हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 28 लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए थे. राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित क्रूज नाव 30 अप्रैल को पलट गई थी. इस हादसे में मारी गई एक मां के साथ लिपटे उसके 4 वर्षीय बेटे की तस्वीर ने पूरे देश का दिल झकझोर गया.

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'यह सुनिश्चित करने के लिए नाव को काटा कि भीतर कोई फंसा न रह गया हो'

मामले पर बरगी सिटी के पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने यह सुनिश्चित करने के लिए नाव को काटा कि उसके भीतर कोई फंसा न रह गया हो. उन्होंने कहा कि तकनीकी दल ने इंजन जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि नाव के काटे जाने पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि नाव को तोड़ देने से क्रूज की जांच की संभावना समाप्त हो गई.

करीब 20 वर्ष पुरानी थी 2006 मॉडल की कैटामरैन हुल श्रेणी वाली क्रूज नाव

सवाल उठाते हुए अधिवक्ता रोशन आनंद कोरी ने कहा कि 2006 मॉडल की कैटामरैन हुल श्रेणी वाली नाव करीब 20 वर्ष पुरानी थी और इसके मटेरियल परीक्षण व यात्री सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी थी, केवल इंजन निकालकर जांच करना पर्याप्त नहीं है. शुक्रवार को सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए थे और चालक दल के 3 सदस्यों को बर्खास्त कर दिया था और इस तरह की नौकाओं के ऑपरेशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

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बरगी डैम में हादसे की शिकार हुई क्रूज में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे. क्रूज में सैर के लिए केवल 29 लोगों के लिए टिकट कटे थे, जबकि उसमे 42 लोग सवार पाए गए थे. नाव में लापरवाही की इंतेहा थी कि क्रूज में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की कमी थी और उसके वितरण में भी देरी हुई, जिससे हादसे के समय अफरा-तफरी मच गई थी.

हादसे में 'नर्मदा क्वीन' नामक क्रूज पलट गई थी, जिसमें कुल 42 लोग सवार थे

गौरतलब है जबलपुर के बरगी डैम में दर्दनाक हादसे की शिकार हुई क्रूज में 13 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे की मुख्य वजह अचानक आया तेज आंधी-तूफान और प्रशासनिक लापरवाही को बताया जा रहा है. हादसे में 'नर्मदा क्वीन' नामक क्रूज पलट गया था, जिसमें कुल 42 लोग सवार थे और एसडीआरएप, एनडीआरएएफ और सेना की मदद से 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था  

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