दमोह: जबलपुर हाई कोर्ट ने हिजाब कांड मामले में चारों आरोपियों को दी सशर्त जमानत, आरोपियों को दी सख्त हिदायत

अदालत ने साफ किया कि यदि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा घटित हुईं तो आरोपियों की जमानत निरस्त कर उन्हें वापस जेल में डाल दिया जाएगा. जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की एकल पीठ ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है. 

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जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट ने चारों आरोपियों को शख्त हिदायत दी.
दमोह:

दमोह शहर के चर्चित गंगा जमना स्कूल के हिजाब कांड मामले में जबलपुर हाई कोर्ट ने चारों आरोपियों को सशर्त जमानत दे दिया है. जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने चारों आरोपियों को हिदायत देते हुए कहा कि वे स्कूल में धार्मिक शिक्षा नहीं देंगे और अपराध को दोबारा नहीं दोहराएंगे. स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षा बोर्ड की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी और किसी गैर मुस्लिम छात्र या छात्रा को इस्लामिक परंपराओं का पालन करने बाध्य नहीं किया जाएगा. वहीं हिंदू छात्र-छात्राओं के कलावा बांधने या तिलक लगाने पर उन्हें स्कूल से वापस नहीं किया जाएगा.

अदालत ने साफ किया कि यदि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा घटित हुईं तो आरोपियों की जमानत निरस्त कर उन्हें वापस जेल में डाल दिया जाएगा. जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की एकल पीठ ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है. 

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50 हजार का मुचलका भी लगाया

अदालत ने चारों आरोपियों प्राचार्य आसफा शेख, शिक्षक अनस, रुस्तम और अथर को जमानत देने के दौरान 50 हजार का मुचलका भी लगाया है। अदालत ने हिदायत दी कि वे अपना जुर्म दोबारा नहीं दोहराएंगे. अदालत में आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त और एडवोकेट कासिम ने पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने दलील दी कि केस के ट्रायल में काफी समय लगेगा. ऐसे में स्कूल के कर्मचारियों को जमानत का लाभ दिया जाए. जिसके बाद अदालत ने चारों आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी.  

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यह था मामला

दरअसल दमोह के गंगा जमना स्कूल ने बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के बाद स्कूल के बाहर फ्लैक्स लगवाया था. जिसमें कई हिंदू और जैन मेधावी छात्राएं भी हिजाब पहने हुए दिखाई दे रही थीं. इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा किया. जांच के दौरान स्कूल के संचालक मोहम्मद इदरीश पर टेरर फंडिंग के भी आरोप लगे थे. बच्चियों को हिजाब बांधने पर मजबूर करने के आरोप में प्राचार्य आसफा शेख समेत स्कूल के शिक्षक और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था.

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