DAVV गर्ल्स हॉस्टल विवाद; ‘बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव’, फर्स्ट ईयर छात्रा निष्कासित, बैग में मिले आपत्तिजनक सामान

DAVV Girls Hostel Controversy: इंदौर के DAVV गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर छात्राओं की शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता और नियम उल्लंघन के मामले में जांच की. जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर छात्रा को हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया है. प्रबंधन ने सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है.

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DAVV Girls Hostel Controversy: ‘बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव’, फर्स्ट ईयर छात्रा निष्कासित, बैग में मिले आपत्तिजनक सामान

DAVV Girls Hostel Controversy: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) इंदौर के गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की पाँच छात्राओं द्वारा की गई शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू की. शिकायत में हॉस्टल की एक छात्रा पर अनुशासनहीन आचरण, साथ रहने वाली छात्राओं पर दबाव बनाने और असामान्य गतिविधियों की कोशिश करने का आरोप था. जांच समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हॉस्टल परिसर तथा संबंधित छात्रा से जुड़े तथ्यों की विस्तृत पड़ताल की. समिति ने करीब 10 अन्य छात्राओं से भी मौखिक बयान लिए. अधिकांश छात्राओं ने बताया कि संबंधित छात्रा का व्यवहार अनुचित था और कई बार वह साथ रहने वाली लड़कियों पर प्रभाव डालने की कोशिश करती थी. बताया गया कि द केरल स्टोरी की तर्ज पर इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में साजिश चल रही थी.

बैग की तलाशी में मिले प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान

जांच के दौरान जब छात्रा के बैग की तलाशी ली गई, तो समिति को कुछ ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले जिन्हें हॉस्टल नियमों के अनुसार परिसर में रखना प्रतिबंधित है. इस खुलासे के बाद जांच टीम ने मामले को और गंभीरता से लिया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा के परिजनों को सूचित कर दिया है और हॉस्टल खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है.

कुलपति ने जांच की व्यक्तिगत निगरानी का भरोसा दिया

DAVV के कुलपति प्रोफेसर राकेश सिंघई ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कुलपति ने स्पष्ट किया कि “जांच समिति ने जो तथ्य प्रस्तुत किए हैं, वे गंभीर हैं. छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है. आवश्यकता होने पर विभागीय स्तर पर और भी कार्रवाई की जाएगी.”

सुरक्षा और अनुशासन को लेकर विश्वविद्यालय सख्त

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि छात्रा के व्यवहार, उसकी गतिविधियों और कॉल रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है ताकि सभी पहलुओं को समझा जा सके. यदि आगे कोई नया तथ्य सामने आता है, तो छात्रा के नामांकन पर भी निर्णय लिया जा सकता है. प्रबंधन का कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी वजह से शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और नियमों के अनुरूप पूरी जांच की गई.

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