इंदौर में बिना परमिट चल रहा था स्कूली वाहन, आरटीओ ने किया जब्त; 10 से वसूला 56 हजार का जुर्माना

इंदौर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच के दौरान आरटीओ टीम ने एक बिना परमिट वाहन जब्त किया और 10 से अधिक वाहनों पर 56 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया. मांगलिया क्षेत्र में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में दस्तावेज़, फिटनेस, बीमा, स्पीड गवर्नर और फायर सेफ्टी की जांच की.

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Indore RTO School Bus Action: इंदौर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने कड़ा एक्शन शुरू किया है. कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत आरटीओ टीम ने मांगलिया क्षेत्र में स्कूली वाहनों की सघन जांच की. इसी कार्रवाई में एक वाहन बिना परमिट के पकड़ा गया, जबकि 10 अन्य वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के कारण 56 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया. यह कदम स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

बिना परमिट वाहन जब्त

जांच के दौरान आरटीओ टीम ने स्कूली वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की. इस दौरान एक वाहन बिना परमिट के पाया गया, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि स्कूली वाहनों के लिए आवश्यक सभी दस्तावेजों का पूरा होना अनिवार्य है.

10 वाहनों पर लगा 56 हजार रुपये का जुर्माना

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि 10 से अधिक वाहनों में विभिन्न कमियां पाई गईं. मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत नियमों का उल्लंघन करने पर इन वाहनों से 56 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया. इसमें स्पीड गवर्नर, फायर सेफ्टी उपकरण और अन्य सुरक्षा मानकों की कमी शामिल थी.

पालकों से लिया गया फीडबैक

आरटीओ टीम ने बच्चों और उनके पालकों से भी फीडबैक लिया. उनसे पूछा गया कि क्या चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं, क्या वे ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करते हैं, और क्या बच्चों को सुरक्षित बैठाया जाता है. यह पहल बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजनों का भरोसा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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स्कूलों को जारी किए गए निर्देश

आरटीओ ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और स्कूल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनों का संचालन करें जिनकी फिटनेस पूरी तरह से प्रमाणित हो और सभी दस्तावेज वैध हों. सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य किया गया है.

जारी रहेगा आकस्मिक चेकिंग अभियान

इंदौर जिले में स्कूली वाहनों की आकस्मिक जांच आगे भी जारी रहेगी. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल आ‑जा सकें और किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे.ते हुए वाहनों को संचालन किया जाना सुनिश्चित करें.

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