विदेशी सोने की तस्करी के मामले में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने इंदौर के सराफा बाजार के दो बड़े कारोबारियों, दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने महाराष्ट्र के अकोला से तस्करी का सोना इंदौर मंगवाया था. डिलीवरी देने पहुंचे तीन तस्करों को पहले ही डीआरआई ने रंगे हाथ पकड़ा था, जिनके कब्जे से करीब 4.72 करोड़ रुपये मूल्य का 3 किलो सोना बरामद किया गया था.
पूछताछ में तस्करों ने खुलासा किया था कि यह सोना इंदौर के तुलसी नगर में खंडेलवाल को डिलीवर किया जाना था. कार्रवाई की भनक लगते ही पिता-पुत्र फरार हो गए थे और उनकी सराफा स्थित दुकान भी बंद थी. लोकेशन राजस्थान में मिलने पर डीआरआई की टीम ने कोटा में छापा मारकर दोनों को धर दबोचा. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन फेंक दिए, जिससे एजेंसी को नेटवर्क से जुड़े सबूत छिपाने की आशंका है.
प्रति 10 ग्राम पर 10 हजार रुपये का मुनाफा
डीआरआई के मुताबिक, दीपक तस्करी का सोना इंदौर के स्थानीय बाजार में खपाने का काम करता था और प्रति 10 ग्राम पर करीब 10 हजार रुपये का मुनाफा कमाता था. शुरुआती पूछताछ में शहर के कुछ अन्य सराफा कारोबारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है.
IIM इंदौर में इस बार 82.5 लाख का हाईएस्ट पैकेज मिला, 240 से ज्यादा कंपनियों ने दिए जॉब ऑफर
सोने पर ‘अग्नि' ब्रांड की भारतीय सील लगी
बरामद किए गए सोने पर ‘अग्नि' ब्रांड की भारतीय सील लगी हुई थी. एजेंसी को अंदेशा है कि विदेशी सोना पश्चिम बंगाल या उत्तर-पूर्व के रास्ते भारत लाया जाता था और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसकी शुद्धता व ब्रांड की सील बदल दी जाती थी. दोनों आरोपियों को शनिवार 29 अगस्त को इंदौर कोर्ट में पेश किया जाएगा.
इंदौर से दिल्ली, मुंबई और पुणे का हवाई किराया 3 गुना बढ़ा; अबू धाबी की टिकट 44 हजार पहुंची