Indore Drinking Water Tragedy: दूषित पानी पीने से 20 और लोग हुए उल्टी-दस्त के शिकार, 16 की मौत का है दावा

Indore News: अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 398 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 256 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 11 लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Indore Drinking Water Tragedy: देश के सबसे स्वच्छ शहर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)  के इंदौर (Indore) में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को 9,000 से ज्यादा लोगों की जांच की. इस दौरान उल्टी-दस्त के 20 और नए मरीज मिले. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने यह जानकारी दी.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर के भागीरथपुरा इलाके में जारी सर्वेक्षण के दौरान 2,354 घरों के 9,416 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई. इस मौके पर उल्टी-दस्त के 20 नए मरीज मिले.

398 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया

अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 398 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 256 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 11 लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं.

एनआईआरबीआई का दल पहुंचा इंदौर

मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि उल्टी-दस्त के प्रकोप की जांच के लिए कोलकाता के राष्ट्रीय जीवाणु संक्रमण अनुसंधान संस्थान (एनआईआरबीआई) का एक दल भी इंदौर आया है. उन्होंने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से जुड़े एनआईआरबीआई के विशेषज्ञ इस प्रकोप की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी मदद कर रहे हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें- MP News: भाजपा के पूर्व विधायक पर सत्ता का दुरुपयोग कर जमीन कब्जाने का आरोप, पीड़ित हाई-टेंशन टावर पर चढ़ा

प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है. हालांकि, महापौर भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें इस प्रकोप में 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है. स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें-  नए साल में राजधानी रायपुर के लिए आई अच्छी खबर, 2024 के मुकाबले 2025 में अपराध की संख्या में आई गिरावट